दिग्विजय सिंह का शिवराज पर तंज, 'प्रज्ञा ठाकुर का नाम लेने पर नहाना नहीं पड़ता?'

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तार प्रज्ञा ठाकुर को एनआईए ने क्लीन चिट दे दी थी लेकिन निचली अदालत ने उन्हें मामले से बरी नहीं किया है. अदालत ने उनके खिलाफ मकोका के तहत आरोप वापस ले लिये और अब उन पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा चल रहा है. 

दिग्विजय सिंह का शिवराज पर तंज, 'प्रज्ञा ठाकुर का नाम लेने पर नहाना नहीं पड़ता?'
फोटो सौजन्य: ANI

भोपालः लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के प्रचार में जुटे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसा है. दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शिवराज पर उस बयान को लेकर निशाना साधा जो उन्होंने दिग्विजय के लिए दिया था. दिग्गी राजा ने कहा, 'आज कल वो (शिवराज) कहते हैं कि दिग्विजय सिंह का नाम मेरे मुंह से नहीं निकलना चाहिए नहीं तो नहाना पड़ेगा. लेकिन प्रज्ञा का प्रचार करने के बाद तो उनको नहाना नहीं पड़ता?'

हिंदुत्व और विकास समानार्थी हैं :प्रज्ञा ठाकुर
मालेगांव बम विस्फोट मामले की आरोपी और भोपाल से लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को कहा कि हिंदुत्व और विकास समानार्थी हैं तथा उनकी चुनावी लड़ाई ऐसे लोगों के खिलाफ ‘धर्मयुद्ध’ की तरह है जो भगवा आतंकवाद जैसे शब्द गढ़कर धर्म को अपमानित कर रहे हैं. चुनाव आयोग द्वारा लगाई गयी 72 घंटे की प्रचार पाबंदी खत्म होने के बाद अपने पहले बयान में उन्होंने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द देने वालों में प्रमुख हैं.

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘मैं उन लोगों के खिलाफ धर्मयुद्ध लड़ रही हूं जिन्होंने ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द गढ़कर सनातन धर्म की छवि खराब की, मुझे जेल भेजा और कानून की आड़ में मुझे प्रताड़ित किया.’’जेल में अत्याचारों का सामना करने का दावा करते हुए भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उन्हें क्लीनचिट दे चुकी है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से उन लोगों को माफ कर चुकी हूं जिन्होंने मुझे प्रताड़ित किया और मुझ पर अत्याचार किये. मैं इसलिए भी चुनाव लड़ रही हूं कि कि कोई महिला अत्याचार का सामना नहीं करे, जैसा मैंने जेल में सहा.’’ 

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तार प्रज्ञा ठाकुर को एनआईए ने क्लीन चिट दे दी थी लेकिन निचली अदालत ने उन्हें मामले से बरी नहीं किया है. अदालत ने उनके खिलाफ मकोका के तहत आरोप वापस ले लिये और अब उन पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा चल रहा है. बंबई उच्च न्यायालय ने उन्हें 2017 में जमानत दी थी. उन्होंने कहा, ‘‘मेरी लड़ाई एक इंसान की लड़ाई नहीं है. मैं केवल एक स्रोत हूं जो हिंदुत्व की रक्षा के लिए लड़ रही हूं.’’ ठाकुर ने कहा कि हिंदुत्व और विकास समानार्थी हैं. भाजपा सात मई को ‘भविष्य का भोपाल’ नामक विजन दस्तावेज जारी करेगी. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर इसका विमोचन करेंगी.

प्रज्ञा ठाकुर साध्वी नहीं, बल्कि आदतन अपराधी हैं: भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को दावा किया कि भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने टी-शर्ट एवं जीन्स पहनने के बाद भगवा धारण किया है और कई लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया है इसलिए वे साध्वी नहीं, बल्कि आदतन अपराधी हैं. प्रज्ञा 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं. मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट पर उनका मुख्य मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से है.

साध्वी प्रज्ञा के अतीत के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में बघेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रज्ञा ठाकुर जब छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ में अपने जीजाजी के साथ रहा करती थीं, तब वह टी-शर्ट एवं जीन्स पहना करती थीं और मोटरसाइकिल चलाती थीं.’’ भोपाल में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के लिए चुनाव प्रचार करने आए बघेल ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रज्ञा ने) कितने लोगों से चप्पल से बात की. उन्होंने एक व्यक्ति को चाकू मार दिया था. छत्तीसगढ़ के बिलाईगढ़ में हरेक व्यक्ति यह जानता है. उनका व्यवहार शुरू से ही आदतन अपराधी की तरह रहा है.’’ 

बघेल ने कहा, ‘‘बाद में उन्होंने भगवा वस्त्र पहनना शुरू किया. भगवा वस्त्र पहनने का मतलब यह नहीं कि वह साध्वी हैं.’’बघेल ने आरोप लगाया, ‘‘उनका व्यवहार एक साध्वी की तरह तो दिखाई नहीं देता. वह आदतन अपराधी हैं.’’ 
हालांकि, जब उनसे सवाल किया गया कि प्रज्ञा द्वारा चाकू मारे जाने वाले मामले की बिलाईगढ़ में क्या स्थिति है, तो उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया. वहीं, मध्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ता हितेश बाजपेई ने कहा, ‘‘साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ बघेल का बयान अशोभनीय, शर्मनाक एवं निराधार है. वह झूठ बोल रहे हैं. ’’

(इनपुट एजेंसी भाषा से)