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चुनाव 2019: उत्तराखंड में कांग्रेस ने अभी तक घोषित नहीं किए उम्मीदवार, जानिए क्या है वजह

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सोमवार से पहले उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी.

चुनाव 2019: उत्तराखंड में कांग्रेस ने अभी तक घोषित नहीं किए उम्मीदवार, जानिए क्या है वजह
फाइल फोटो

देहरादून: उत्तराखंड में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख सोमवार है और सभी की निगाहें कांग्रेस पर टिकी है जिसने राज्य में पांच सीटों पर 11 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा अभी तक नहीं की है. चिर प्रतिद्वंद्वी बीजेपी ने उत्तराखंड में पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा गुरुवार को ही कर दी जिनमें से टिहरी से उम्मीदवार माला राज्य लक्ष्मी शाह और पौढ़ी से तीरथ सिंह रावत ने अपने नामांकन भी दाखिल कर दिए.

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सोमवार से पहले उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी. सूत्रों ने बताया कि हरिद्वार से उम्मीदवार चुनना पार्टी के लिए मुश्किल साबित होगा. साल 2014 में उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने से पहले 15वीं लोकसभा में इस सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले हरीश रावत इस बार यहां से चुनाव लड़ना नहीं चाहते. बीजेपी ने हरिद्वार से मौजूदा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को फिर से उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में कांग्रेस को इस सीट से मजबूत उम्मीदवार खड़ा करने की जरुरत है.

हालांकि पार्टी ने इस पर चुप्पी साध रखी है कि कौन वहां से चुनाव लड़ेगा. सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नाम क्रमश: नैनीताल और टिहरी सीट के लिए लगभग तय हैं. उन्होंने बताया कि बीसी खंडूरी के बेटे मनीष पौढ़ी से पार्टी के प्रत्याशी हो सकते हैं और राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट अल्मोड़ा से उम्मीदवार बनाया जा सकता है. 

जिन नामों को लेकर अटकलें चल रही है अगर उन्हीं का नाम तय होता है तो नैनीताल और टिहरी में दिग्गजों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा. ऐसा होता है तो नैनीताल में हरीश रावत के खिलाफ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट तथा टिहरी में मौजूदा सांसद माला के खिलाफ प्रीतम सिंह होंगे. पौढ़ी में भी दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है अगर कांग्रेस भाजपा के तीरथ सिंह रावत के खिलाफ मनीष खंडूरी को मैदान में उतारती है. दोनों ही उम्मीदवार खंडूरी की लोकप्रियता भुनाने की कोशिश करेंगे. बी सी खंडूरी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे. खंडूरी राज्य के लोकप्रिय नेताओं में से हैं जिनका अपने क्षेत्र में मजबूत आधार है.