कहां से आती है चुनाव में उंगली पर लगाई जाने वाली 'स्याही', जानिए पूरी खबर

चुनाव आयोग ने 1962 में कानून मंत्रालय, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के साथ मिलकर मैसूर पेंट्स के साथ लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में पक्की स्याही की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया था.

कहां से आती है चुनाव में उंगली पर लगाई जाने वाली 'स्याही', जानिए पूरी खबर
फाइल फोटो

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों से पहले 33 करोड़ रुपये की कीमत पर पक्की स्याही की 26 लाख बोतलों का ऑर्डर दिया है. सात चरणों में होने वाले चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई को संपन्न होंगे. चुनाव आयोग ने 2014 लोकसभा चुनावों में 21.5 लाख शीशियां मंगाई थी जो इस साल के मुकाबले 4.5 लाख कम थी. कर्नाटक सरकार का उपक्रम मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड चुनाव आयोग के लिए पक्की स्याही बनाने के लिए अधिकृत एकमात्र निर्माता है.

मैसूर पेंट्स के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर डोडामनी ने बताया कि कंपनी को चुनाव आयोग से 10-10 क्यूबिक सेंटीमीटर की 26 लाख शीशियां बनाने का आर्डर प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा, “संभावित टर्नओवर करीब 33 करोड़ रुपये का है.” डोडामनी ने बताया कि इस बार पिछले आम चुनावों के मुकाबले 4.5 लाख शीशियां ज्यादा मंगाई गई हैं. मैसूर पेंट्स विश्व भर में 30 से ज्यादा देशों को पक्की स्याही निर्यात करता है.

चुनाव आयोग ने 1962 में कानून मंत्रालय, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के साथ मिलकर मैसूर पेंट्स के साथ लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में पक्की स्याही की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया था.