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ओडिशा का चुनावी मूड, विधानसभा और लोकसभा में किसे चुनेगी ओडिशा की जनता?

नवीन पटनायक के रोड शो में मोदी के दीवाने, ओडिशा पीएम मोदी को रिटर्न गिफ़्ट देने की बात क्यों कर रहा है?

ओडिशा का चुनावी मूड, विधानसभा और लोकसभा में किसे चुनेगी ओडिशा की जनता?

भुवनेश्वरः देश में लोकसभा चुनाव चल रहा है और पूरे देश की निगाहें इस वक्त पूर्वी भारत के दो राज्य पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर सबसे ज़्यादा है. इन दो राज्यों में सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दल काफी मजबूत हैं तो वहीं बीजेपी पूर्वी यूपी के इन दो राज्यों में पूरी ताकत झोंक रही है और त्रिपुरा जैसे चुनावी नतीजों की उम्मीद में है. ओडिशा में लोकसभा की 21 सीटें हैं और 2014 में बीजेडी 20 सीटें तो बीजेपी सिर्फ 1 ही सीट जीत पाई थी. वहीं कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था. 

Zee News की टीम पिछले कई दिनों से ओडिशा यात्रा पर है और राज्य में मतदाताओं का मूड टटोलने की कोशिश कर रही है. इस दौरान मैंने ओडिशा में भुवनेश्वर, पुरी, कोर्णाक, बालांगीर, सोनपुर, कालाहांडी, नयापाड़ा, खरियार की यात्रा की. इस यात्रा के दौरान अधिकतर आदिवासी इलाकों और शहरी इलाकों में हमने विभिन्न लोगों से बातचीत की. 

ओडिशा से एक बेहद दिलचस्प बात निकल कर आ रही है कि यहां का मतदाता विधानसभा में तो नवीन पटनायक को देखना चाहता है तो वहीं केन्द्र में नरेन्द्र मोदी को पीएम की कुर्सी एक बार फिर सौंपना चाहता है. सोमवार को ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने कालाहांडी लोकसभा के खरियार से भवानी पटना तक रोड शो किया.

इस रोड शो में आए हुए लोगों से Zee News ने बातचीत की. खरियार और कालाहांडी के स्थानीय लोगों ने बताया कि ओडिशा में नवीन बाबू ने अच्छा काम किया है लेकिन देश पीएम मोदी के ही हाथ में सुरक्षित है. इसलिए हम विधानसभा के चुनाव में बीजद को मजबूती देंगे तो लोकसभा चुनाव में मोदी का पलड़ा भारी करेंगे. 

इस दौरान खरियार में हम एक चाय की दुकान पर रूके, हमें देखते ही स्थानीय लोग भारी तादाद में आ गए. यह एक आदिवासी इलाका है, इसके बारे में कहा जाता है कि एक वक्त यह भुखमरी का शिकार हुआ करता था. यहां चाय पर चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि पीएम मोदी ने हमें आवास, गैस कनेक्शन, शौचालय दिए और सर्जिकल स्ट्राईक कर जवानों की शहादत का बदला भी लिया है. देश को इससे मजबूत पीएम नहीं मिल सकता, इसलिए ओडिशा इस बार मोदी को रिटर्न गिफ़्ट देगा. इसी बीच एक युवा ने नोटबंदी को ग़लत ठहराया लेकिन कहा कि अगर देश में राहुल और मोदी में चुनना होगा तो हमारी पहली पसंद मोदी ही होंगे.

इसी रोड शो के दौरान हमारी मुलाकात ओडिशा के प्रसिद्ध उड़िया कलाकार मंटो दा और अनीषा से हुई. ये दोनों कलाकार भले ही नवीन पटनायक के स्टार प्रचारक हों लेकिन इनके सिर भी पीएम मोदी की दीवानगी चढ़ी हुई है. Zee News से बातचीत में कहा कि देश में मोदी अच्छा काम कर रहे हैं. दिल्ली में मोदी बेहतर हैं. हालाँकि इन कलाकारों ने ओडिशा में नवीन पटनायक को ही दोबारा सीएम बनाने की बात कही. 

यूँ कहें कि नवीन पटनायक के रोड शो में पीएम मोदी का जलवा देखना को मिला तो ये अतिशयोक्ति बिल्कुल भी नहीं होगी. इस दौरान हमने लगभग 100 से ज़्यादा लोगों से बातचीत की और इसमें से 99% लोगों ने पीएम मोदी के कामकाज की तारीफ़ की. 

आदिवासी इलाकों से निकलकर हम पुरी पहुंचे, यहां सुबह सुबह कचहरी के पास एक चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा होने लगी. यहां का मिज़ाज अलग ही देखने को मिला. यहां लोगों ने नवीन पटनायक सरकार के ऊपर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. यहां भी जनता ने परिवर्तन का नारा दिया. पुरी सीट पर भी इस बार काफी दिलचस्प लड़ाई है. बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को लोकसभा का टिकट दिया है तो वहीं बीजू जनता दल ने मौजूदा सांसद पिनाकी मिश्रा को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने सत्य प्रकाश नायक को अपना प्रत्याशी बनाया है. 

पुरी के बाद हम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे. यहां उत्कल यूनिवर्सिटी में पोस्ट ग्रैजुएशन कर रहे आदिवासी छात्रों के एक ग्रुप से हमारी मुलाकात हुई. ये सभी छात्र ओडिशा के अलग अलग इलाकों से उच्च शिक्षा के लिए भुवनेश्वर पहुंचे हैं. इन आदिवासी छात्रों का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा नौकरी, रोज़गार और गुणवत्ता परक शिक्षा है. इन छात्रों ने Zee News को बताया कि हमें न्याय योजना के 72,000 रूपये नहीं चाहिए, हमें नौकरी चाहिए. हमारे आदिवासी गांव में सड़क, बिजली, पानी पहुँचनी चाहिए. कभी कभी तो हमारे गांव में भोजन की भी कमी हो जाती है. राजनीतिक दलों को इन समस्याओं को दूर करना चाहिए. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की न्याय योजना पर सवाल खड़े करते हुए इन छात्रों ने कहा कि 70 साल में गरीबी क्यों नहीं हटाई ? ये आदिवासी छात्र भी पीएम मोदी के कामकाज से संतुष्ट दिखाई पड़े और कहा कि देश को एक मजबूत प्रधानमंत्री मिला है. 

कोर्णाक में हमारी मुलाकात एक नारियल पानी बेचने वाले बुजुर्ग शख्स से हुई. हमने पूछा कि अबकी बार किसकी सरकार ? तो बड़े प्यार से हमें नारियल पानी देने के बाद इस शख्स ने बताया कि जो देश को मजबूत कर रहा है, हमारा वोट लोकसभा में उसी को जाएगा. मैंने आगे पूछा कि कौन देश को मजबूत कर रहा है, इस पर बुजुर्ग शख्स ने जवाब दिया कि मैं क्या पूरा ओडिशा और देश ये जानता है कि आज भारत किसके हाथों में सुरक्षित है ? 

कुल मिलाकर ओडिशा में बीजेपी इस बार लोकसभा चुनाव बेहतर प्रदर्शन करती हुई दिखाई दे रही है तो वहीं राज्य विधानसभा चुनाव में नवीन बाबू का जलवा आज भी बरकरार है. कांग्रेस यहां बहुत ज़्यादा लड़ाई में दिखाई नहीं पड़ रही है. मुख्य लड़ाई बीजेपी और बीजेडी में ही दिखाई दे रही है. वैसे असली नतीजे तो 23 मई को आएंगे तब जाकर पता चलेगा कि ओडिशा में नवीन बाबू का शंख बजेगा या बीजेपी का कमल खिलेगा ?