नाथूराम गोडसे पर प्रज्ञा ठाकुर के बयान की अफसर ने भेजी रिपोर्ट, चुनाव आयोग ले सकता है सख्‍त फैसला

आगर मालवा जिले के निर्वाचन अधिकारी ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान के मामले में मध्य प्रदेश चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. जो कि मध्य प्रदेश के मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से दिल्ली चुनाव आयोग को भेज दी गई है.

नाथूराम गोडसे पर प्रज्ञा ठाकुर के बयान की अफसर ने भेजी रिपोर्ट, चुनाव आयोग ले सकता है सख्‍त फैसला
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक बार फिर अपनी विवादित बयानबाजी के चलते चर्चाओं का विषय बन गईं हैं. मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे पर विवादित टिप्पणी करने के बाद अब वह नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिए जाने पर सवालों के घेरे में घिर गई हैं. वहीं खुद भाजपा भी उनके इस बयान से साध्वी से काफी नाराज है. जिसके बाद चुनाव आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे वाले बयान पर निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी. वहीं अब आगर मालवा जिले के निर्वाचन अधिकारी ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान के मामले में मध्य प्रदेश चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. जो कि मध्य प्रदेश के मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से दिल्ली चुनाव आयोग को भेज दी गई है.

बता दें नाथूराम गोडसे अचानक से तब चर्चा में आया जब अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने नाथूराम गोडसे को भारत का पहला हिंदू आंतकवादी बताया था. इसी के बाद से नाथूराम गोडसे के नाम ने जोर पकड़ लिया और हर जगह बयानों का दौर शुरू हो गया. बता दें कमल हासन ने अपने तमिलनाडु के अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि 'मैं यह इसलिए नहीं कह रहा, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मुसलमान हैं. बल्कि मैं महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने यह कह रहा हूं कि, आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था.'

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वहीं कमल हासन के इस बयान पर जब भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे. उनको आतंकवादी बताने वाले लोग स्वयं अपने गिरेबान में झांककर देख लें. ऐसा बोलने वालों को इस चुनाव में जवाब दे दिया जाएगा.' वहीं जब साध्वी के इस बयान पर विवाद शुरू हो गया तो उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी और अपने बयान पर मांफी भी मांगी.

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उन्होंने कहा कि 'मैं नाथूराम गोडसे के बारे में दिये गए मेरे बयान के लिये देश की जनता से माफ़ी मांगती हूं. मेरा बयान बिलकुल गलत था. मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं.' साध्वी प्रज्ञा के मुताबिक रोड शो के दौरान उनसे मीडिया ने भगवा को जोड़कर सवाल किया था, जिसे लेकर उन्होंने यह बयान दिया. उनका मकसद किसी के मन को कष्ट पहुंचाने का नहीं था. अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए साध्वी ने कहा कि 'मेरे बयान से किसी के तकलीफ है को खेद व्यक्त करती हूं. मैंने अभी टीवी नही देखी. पार्टी लाइन ही मेरी लाइन है. मैं झमा मांगती हूं इस बयान के लिए.'