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बसपा प्रत्याशी पर था रेप का आरोप, प्रचार ही नहीं कर पाए; एक लाख से ज्यादा वोट से जीते

लोकसभा चुनाव 2019 में कई परिणाम चौंकाने वाले रहे. 'मोदी लहर' के बावजूद रेप के आरोपी बसपा प्रत्याशी चुनाव जीत गए.

बसपा प्रत्याशी पर था रेप का आरोप, प्रचार ही नहीं कर पाए; एक लाख से ज्यादा वोट से जीते
उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन 'मोदी लहर' को रोकने में नाकाम रहा.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन 'मोदी लहर' को रोकने में नाकाम रहा. प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से कम से कम 60 सीटें जीतने की उम्मीद कर रहे गठबंधन को महज 15 सीटें ही मिली हैं. महागठबंधन के अति आत्मविश्वास और बीजेपी की मजबूत रणनीति से गठजोड़ असफल रहा. बसपा की झोली में अंबेडकर नगर, अमरोहा, बिजनौर, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर, लालगंज, नगीना, सहारनपुर और श्रावस्ती सीटें आईं. वहीं, सपा को आजमगढ़, मैनपुरी, मुरादाबाद, रामपुर और संभल सीटें ही मिल सकीं.

सबसे ज्यादा चौंकाने वाला परिणाम घोसी सीट का रहा. घोसी सीट से सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार अतुल कुमार सिंह (अतुल राय) को जीत मिली है. उन्हें बीजेपी प्रत्याशी हरिनारायण राजभर को 1,22,018 हजार वोट से शिकस्त दी. अतुल को 5,72,258 वोट मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण राजभर को 4,50,240 वोट पर संतोष करना पड़ा. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार हरिनारायण राजभर जीत दर्ज करने में सफल रहे थे. अतुल पर रेप के आरोप हैं. 

 

एक कॉलेज छात्र द्वारा पहली मई को वाराणसी के एक पुलिस थाने में राय के खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने के बाद से राय फरार हैं. पीड़िता का कहना है कि राय ने उसका यौन उत्पीड़न किया है. राय के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है. उनके मुवक्किल को चुनाव प्रचार से रोकने के लिए और घोसी निर्वाचन क्षेत्र से एक उम्मीदवार की जीत की संभावना खत्म करने की नीयत से यह मामला दर्ज कराया गया है. घोसी निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में पड़ता है. चुनाव प्रचार के दौरान फरार चलते रहे. जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गए लेकिन राहत नहीं मिली. 

अतुल सिंह के बचाव में मायावती ने मोर्चा संभाला था और बीजेपी पर साजिश करने का आरोप लगाया था. उत्तर प्रदेश में बीएसपी और एसपी के गठबंधन का लाभ अतुल सिंह को मिला. घोसी सीट उन्होंने मोदी की आंधी रोककर यह सीट बीजेपी से छीनकर बसपा की झोली में डाल दी.