हिसार सीट: इस बार तीन ऐसे उम्‍मीदवार आमने-सामने, जिनके पिता भी यहां ठोक चुके हैं ताल

लोकसभा चुनाव 2019 में हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट के सियासी मिजाज की अगर बात करें, तो जिस 'रण' से कभी पिता यौद्धा बने थे, अब उसी रण में बेटे ताल ठोक रहे हैं. यहां से जन जनायक जनता पार्टी से मौजूदा सांसद दुष्यंत चौटाला, बीजेपी की तरफ से बृजेंद्र सिंह और कांग्रेस की तरफ से भव्य बिश्रोई ने ताल ठोकी है.

हिसार सीट: इस बार तीन ऐसे उम्‍मीदवार आमने-सामने, जिनके पिता भी यहां ठोक चुके हैं ताल

हिसार: लोकसभा के रण में सियासी बिसात बिछ चुकी हैं, कौन सा प्रत्याशी किस प्रत्याशी पर कितना भारी पड़ेगा, यह तो 23 मई को साफ होगा, लेकिन हरियाणा के हिसार लोकसभा सीट के सियासी मिजाज की अगर बात करें, तो जिस 'रण' से कभी पिता यौद्धा बने थे, अब उसी रण में बेटे ताल ठोक रहे हैं. यहां से जन जनायक जनता पार्टी से मौजूदा सांसद दुष्यंत चौटाला, बीजेपी की तरफ से बृजेंद्र सिंह और कांग्रेस की तरफ से भव्य बिश्रोई ने ताल ठोकी है.

तीनों ही प्रत्याशी राजनीतिक घरानों से तो हैं ही. साथ ही इनके पिता भी यहीं से चुनावी रण लड़ चुके हैं. हिसार के मौजूदा सांसद दुष्यंत चौटाला अजय सिंह चौटाला के बड़े बेटे हैं. इनेलो से अलग होने के बाद दुष्यंत-दिग्विजय ने अजय के निर्देश पर हरियाणा में जन नायक जनता पार्टी (जेजेपी) का गठन किया. अजय सिंह 2009 में यहां से सांसद रहे पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के इस्तीफे के बाद उपचुनाव लड़ा था.

भजन लाल के बाद उनके बेटे कुलदीप बिश्रोई ने अजय के सामने चुनाव लड़ा, इस चुनाव में कुलदीप विजयी रहे. डॉ. अजय सिंह चौटाला और कुलदीप बिश्रोई के बीच भिवानी लोकसभा सीट पर भी 2004 मुकाबला हुआ था, तब भी कुलदीप ही जीते थे. हालांकि 2014 में दुष्यंत चौटाला ने कुलदीप बिश्रोई को हरा कर अपने पिता की हार का बदला जरूर ले लिया. फिलहाल दुष्यंत चौटाला का मुकाबला कुलदीप बिश्रोई के बेटे भव्य बिश्रोई से है.

वहीं बात की जाए बीजेपी प्रत्याशी की तो चुनावी रण में आईएएस से वीआरएस अप्लाई कर मैदान में उतरे बृजेंद्र सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं. बीरेंद्र सिंह भी हिसार से सांसद बन चुके हैं. हालांकि बीरेंद्र सिंह 2 बार यहां से चुनाव लड़े, उन्हें जीत 1984 में मिली थी. कुल मिलाकर, हिसार के चुनावी रण में पिता के बाद अब बेटों ने ताल ठोकी है, तीनों अपने-अपने ढंग से प्रचार में जुट गए हैं.

तीनों के पिता संभाल रहे मोर्चा, राजनीति यादों को कर रहे ताजा
तीनों के पिता अपने बेटों के नामांकन करवाने के लिए खुद भी रोड शो में शामिल हुए और बाद में अधिकारी के पास जब प्रत्याशी पहुंचे तो उनके समक्ष उपस्थित हुए थे. चुनावी रण में तीनों प्रत्याशियों के पिता भी मैदान में अपने-अपने बेटों की जीत के लिए पसीना बहा रहे हैं. अपने-अपने राजनीतिक जान पहचान वालों के साथ-साथ पुराने संबंधों को भी ताजा करने का प्रयास किया जा रहा है. बृजेंद्र सिंह के पिता केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ना सिर्फ ग्रामीण आंचल में पहुंच कर अपने बेटे के पक्ष में वोट मांग रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों से पुराने दौर पर हल्के-फुल्के किस्सों को भी याद कर रहे हैं.

कुलदीप बिश्रोई भी प्रचार में जुटे हुए है, कांग्रेसी नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है. कुलदीप बिश्रोई के पिता स्वर्गीय भजन लाल को हरियाणा की राजनीतिक का पीएचडी कहा जाता था. भजन लाल मुख्यमंत्री रह चुके थे, साथ ही कुलदीप भी सांसद रह चुके हैं. ऐसे में कुलदीप खुद और अपने पिता की राजनीति पारी का हवाला देते हुए भव्य बिश्रोई के लिए अपील कर रहे हैं.

दुष्यंत चौटाला के पिता डॉ. अजय सिंह चौटाला अपने पिता ओमप्रकाश चौटाला के साथ सजायाफता हैं. इन दिनों वो फरलो पर हैं. अजय सिंह को 21 दिन की फरलों मिली है. ऐसे में वो भी दुष्यंत के लिए लगातार प्रचार कर रहे हैं.

दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी
तीनों प्रत्याशियों को राजनीति विरासत में ही मिली है. बीजेपी प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह बीरेंद्र सिंह की दूसरी पीढ़ी हैं. जेजेपी प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला राजनीतिक तौर पर चौथी पीढ़ी से हैं. दुष्यंत चौटाला के पिता अजय सिंह भी राजनीति में रहे हैं, उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वहीं दुष्यंत के परदादा यानि चौधरी देवीलाल का भी राजनीति में अपना ही कद रहा है, वो देश के उपप्रधानमंत्री भी रह चुके हैं.   भव्य बिश्रोई के दादा भजन लाल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पिता कुलदीप भी सांसद रह चुके हैं.