झारखंड : ईचा खरकई डैम बना चुनावी मुद्दा गर्म, बीजेपी और महागठबंधन आमने-सामने

विधानसभा चुनाव में इसी मुद्दे पर झामुमो ने कोल्हान के सभी सात सीटों पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी का यहां खाता तक नहीं खुला था. इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी इसी मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो दोनों को बैकपुट पर लाने की कोशिश कर रही है.

झारखंड : ईचा खरकई डैम बना चुनावी मुद्दा गर्म, बीजेपी और महागठबंधन आमने-सामने
सिंहभूम में ईचा-खरकई डैम भी एक बड़ा मुद्दा बना है.

चाईबासा : सिंहभूम लोकसभा में ईचा-खरकई डैम भी एक बड़ा मुद्दा बना है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जहां इस डैम का शुरू से विरोध करती रही है वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसका पक्षधर रही है विरोध के बावजूद डैम का निर्माण जारी है. अब चुनावी गठबंधन में कांग्रेस भी इसका विरोध कर रही है.

2104 के विधानसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा था और इस बार भी यह मुद्दा गर्म है. विधानसभा चुनाव में इसी मुद्दे पर झामुमो ने कोल्हान के सभी सात सीटों पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी का यहां खाता तक नहीं खुला था. इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी इसी मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो दोनों को बैकपुट पर लाने की कोशिश कर रही है.

बीजेपी ने ईचा-खरकई डैम को पिछले 40 साल से लटकाए रखने के लिए कांग्रेस को घेर रही है. वहीं, डैम का विरोध करने वाले सरायकेला के झामुमो विधायक और जमशेदपुर से झामुमो प्रत्याशी चंपई सोरेन पर जोरदार हमला किया है. सरायकेला के बीजेपी नेता गणेश महली ने चंपई सोरेन के बेटे पर ईचा-खरकई डैम में ठेकेदारी का आरोप लगाकर मुद्दे को और गरमा दिया है.

बीजेपी नेता गणेश महली ने चंपई सोरेन पर सीधा आरोप लगाया है कि पिता एक तरफ डैम का विरोध करते हैं वहीं, बेटा डैम के ठेकेदार के साथ पार्टनरशिप में ठेकेदारी करता है. झामुमो के इस खेल को जनता समझ चुकी है.

बीजेपी प्रत्याशी लक्ष्मण गिलुवा ने ईचा-खरकई डैम पर सीधे कांग्रेस को घेरा. उन्होंने कहा कि 1980 में यह डैम बनना शुरू हुआ, लेकिन आज तक यह नहीं बना. अगर कांग्रेस उसी समय एक तय सीमा के भीतर डैम बना देती तो आज यह राजनीति नहीं होती. 40 साल से लोग विस्थापन का दंश झेल रहे हैं. कांग्रेस-झामुमो डैम पर राजनीति कर रही है.

कांग्रेस प्रत्याशी गीता कोड़ा ने भी झामुमो के इस मु्द्दे पर अपनी सहमति जताते कहा कि यहां की जनता विस्थापन को लेकर डरी हुई है. इसलिए इसका विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस जनता के साथ रहेगी. ज्ञात हो कि सिंहभूम सीट के तीन विधानसभा क्षेत्र चाईबासा, मझगांव और सरायकेला ईचा-खरकई डैम से प्रभावित विधानसभा है.