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करकरे पर साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणी को लेकर IPS एसोसिएशन ने कहा - शहीदों का सम्मान हो

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) संघ ने मुंबई आतंकवाद-रोधी दस्ते के प्रमुख रहे हेमंत करकरे पर भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा दिए गए बयान की शुक्रवार को निंदा की. प्रज्ञा ने शुक्रवार को कहा कि करकरे ने उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया था और उनकी मौत उनके श्राप के कारण हुई.

करकरे पर साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणी को लेकर IPS एसोसिएशन ने कहा - शहीदों का सम्मान हो

नई दिल्ली: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) संघ ने मुंबई आतंकवाद-रोधी दस्ते के प्रमुख रहे हेमंत करकरे पर भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा दिए गए बयान की शुक्रवार को निंदा की. प्रज्ञा ने शुक्रवार को कहा कि करकरे ने उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया था और उनकी मौत उनके श्राप के कारण हुई. करकरे 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दौरान आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे.

भारतीय पुलिस सेवा (केंद्रीय) संघ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में कहा गया है, "अशोक चक्र पुरस्कार प्राप्त आईपीएस हेमंत करकरे ने आतंकवादियों से लड़ते हुए महान कुर्बानी दी थी. हम वर्दी के लोग एक उम्मीदवार के अपमानजनक बयान की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि हमारे सभी शहीदों की कुर्बानियों का सम्मान किया जाए."

IPS Association

बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा के बयान से झाड़ा पल्ला
उधर, बीजेपी ने मुंबई के आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादास्पद बयान से पल्ला झाड़ लिया है.  बीजेपी ने साध्वी के बयान को उनका निजी बयान बताया है. बीजेपी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "पार्टी का स्पष्ट मानना है कि हेमंत करकरे आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए थे. पार्टी ने उन्हें हमेशा शहीद माना है. जहां तक साध्वी प्रज्ञा के इस बयान का विषय है. वह उनका निजी बयान है जो वर्षों तक उनकी हुई शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिया गया होगा." यह पत्र बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की ओर से जारी किया गया. 

 

आखिर क्या बयान दिया था साध्वी प्रज्ञा ने? 
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने शुक्रवार को भोपाल के कोलार क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान 2008 के मुंबई हमले में शहीद एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा, "उन दिनों वह मुंबई जेल में थीं. जांच आयोग ने सुनवाई के दौरान एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब प्रज्ञा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उन्हें छोड़ क्यों नहीं देते. तब हेमंत ने कई तरह के सवाल पूछे, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि इसे भगवान जाने. इस पर करकरे ने कहा कि 'तो, क्या मुझे भगवान के पास जाना होगा." 

(इनपुट IANS से)