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जल्द होगा करणी सेना के नाम से राष्ट्रीय पार्टी का ऐलान: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी

गोगामेडी ने कहा कि बसपा के नेताओं ने उनसे संपर्क किया था लेकिन उन्होंने पार्टी करणी सेना के पदाधिकारियों की राय के आधार पर किसी भी पार्टी से चुनाव लड़ने की से इनकार कर दिया. 

जल्द होगा करणी सेना के नाम से राष्ट्रीय पार्टी का ऐलान: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी
फोटो साभार- Facebook

जयपुर: राजस्थान में पद्मावत फिल्म के विरोध और आनंदपाल प्रकरण के जरिए सियासत में तूफान मचाने वाली करणी सेना इन दिनों नदारद है. करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को लेकर चुनाव लड़ने की कई तरह की खबरें आई लेकिन अब सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने इन तमाम खबरों पर पर्दा डाल दिया है. सुखदेव सिंह ने कहा है कि वह किसी भी पार्टी के साथ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं बल्कि करणी सेना के नाम से देश में खुद की राष्ट्रीय पार्टी का ऐलान करने वाले हैं. यानी अभी तक खुद को सामाजिक संगठन बताने वाला करणी सेना अब राजनीतिक मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने खुद के बसपा के टिकट पर नागौर से चुनाव लड़ने की खबरों का खंडन किया है.

गोगामेड़ी ने कहा कि बसपा के नेताओं ने उनसे संपर्क किया था लेकिन उन्होंने पार्टी करणी सेना के पदाधिकारियों की राय के आधार पर किसी भी पार्टी से चुनाव लड़ने की से इनकार कर दिया. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि वह खुद के राजनीतिक दल बनाने की कवायद कर रहे हैं. जल्दी करणी सेना की कोर कमेटी की बैठक होने वाली है उसके बाद देश में करणी सेना के राजनीतिक संगठन के तौर पर ऐलान किया जाएगा. दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले सुखदेव सिंह गोगामेड़ी उस समय आलोचना का शिकार हुए थे जब उन्होंने वसुंधरा राजे का झालरापाटन में समर्थन का ऐलान किया था. इस सवाल पर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का कहना है कि उन्होंने किसी पार्टी विशेष का नहीं बल्कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का समर्थन किया था.

इसकी भी बड़ी वजह थी. उन्होंने पद्मावत फिल्म के विरोध मामले में और आनंद पाल प्रकरण में उनकी मांगों पर सुनवाई की थी. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि अब ना तो ने कांग्रेस से उम्मीद है और ना ही भाजपा से दोनों ही दल क्षत्रिय समाज को टिकट से बचने की कोशिश करते रहे हैं. लिहाजा समाज को राजनीतिक तौर पर आगे लाने के लिए अब खुद का राजनीतिक दल बनाना बेहद जरूरी है. 

इसमें कहीं कोई दो राय नहीं कि एक समय करणी सेना राजस्थान में सामाजिक संगठन के तौर पर अपनी बड़ी पहचान रखता था लेकिन करणी सेना के कई टुकड़ों में विभक्त होने के बाद इसकी शक्ति कमजोर हुई. लेकिन अब सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के ऐलान के बाद इंतजार है करणी सेना की राजनीतिक संगठन का. देखना होगा सामाजिक संगठन से राजनीतिक संगठन के इस बदलाव की यात्रा में करणी सेना कितनी कामयाब हो पाती है.