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पश्चिम बंगाल का चर्चित चेहरा हैं बाबुल सुप्रियो, गायक से लेकर राजनेता तक ऐसा रहा सफर

 2014 के लोकसभा चुनाव में आसनसोल लोकसभा सीट से बाबुल सुप्रियो ने अपनी तिद्वंद्वी TMC की डोला सेन को 70 हजार वोटों से हराया था. जिसके बाद 2 जुलाई 2016 को उनका प्रभार बदल कर उन्हें हैवी इंडस्ट्रीज और पब्लिक एंटरप्राइज राज्यमंत्री बनाया गया.  

पश्चिम बंगाल का चर्चित चेहरा हैं बाबुल सुप्रियो, गायक से लेकर राजनेता तक ऐसा रहा सफर
बाबुल सुप्रियोः फाइल फोटो

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा सांसद बाबुल सुप्रियो एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. राजनीति के अलावा एक गायक के तौर पर अपनी पहचान स्थापित करने वाले सुप्रियो पश्चिम बंगाल ही नहीं देश भर का चर्चित चेहरा हैं. बाबुल सुप्रियो के परिवार में शुरू से ही संगीत का स्वर गूंज रहा है, जिसके चलते उन्होंने भी इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सोचा और वोकलिस्ट और कंपोजर के रूप में पहचान बनाने के बाद अचानक ही राजनीति में कूद पड़े.

जीवन परिचय
बाबुल सुप्रियो का जन्म 15 दिसंबर 1970 में पश्चिम बंगाल के हुगली में हुआ. उन्के पिता का नाम सुनील चंद्र बरल, जबकि मां का नाम सुमित्रा बरल है. डॉन बोस्को से अनपू स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सुप्रियो ने कोलकाता विश्वविद्यालय से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया, जिसके बाद वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने लगे. मन न लगने के कारण सुप्रियो ने यह नौकरी छोड़ दी और फिर गायन के क्षेत्र में आ गए और सुप्रियो को 1994 में फिल्म प्रेम रोग के गाने से पहला ब्रेक मिला.

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राजनीतिक जीवन
एक गायक के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे वाले सुप्रियो ने 2014 में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा. फ्लाइट में सफर करने के दौरान बाबा रामदेव के बगल में बैठे सुप्रियो को बाबा रामदेव के चलते ही बीजेपी से लोकसभा टिकट मिला. जिस पर खरे उतरते हुए सुप्रियो ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कराई. 2014 के लोकसभा चुनाव में आसनसोल लोकसभा सीट से बाबुल सुप्रियो ने अपनी तिद्वंद्वी TMC की डोला सेन को 70 हजार वोटों से हराया था. जिसके बाद 2 जुलाई 2016 को उनका प्रभार बदल कर उन्हें हैवी इंडस्ट्रीज और पब्लिक एंटरप्राइज राज्यमंत्री बनाया गया.