जानिए कैसा है 'वासेपुर' में चुनावी मौसम, लोगों ने कहा- 'फिल्म ने बनाई निगेटिव इमेज'

यहां के लोग आज भी इस इलाके की तस्वीर बदलने का ख्वाब देख रहे हैं. 

जानिए कैसा है 'वासेपुर' में चुनावी मौसम, लोगों ने कहा- 'फिल्म ने बनाई निगेटिव इमेज'
वासेपुर के लोगों का कहना है कि उन्हें किसी से कोई उम्मीद नहीं है.

धनबाद: झारखंड के धनबाद के जिस वासेपुर का नाम सुनते ही गैंगवार और गुंडागर्दी और फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर की कहानी आंखों के सामने आ जाती है उन्हीं गलियों में ज़ी मीडिया की टीम ये जानने के लिए पहुंची चुनावी मौसम में वहां की क्या हकीकत है? 

दरअसल रमजान के महीने में मोहल्ले में लोग एक जगह इकट्ठा होकर नमाज अदा करते दिखे. वासेपुर में कुछ लोगों से जब यह पूछा गया कि चुनावी मौसम में उनका अपने प्रतिनिधियों से क्या उम्मीद है तो उनका सीधा जवाब हैृ जो मुसलमान पांच वक्त की नमाज में कई बार अपनी जमीन को चुनता है और आखिर में उससे देश भक्ति का प्रमाण क्यों मांगा जाती है? 

 

यहां के लोग आज भी इस इलाके की तस्वीर बदलने का ख्वाब देख रहे हैं. चुनावी मौसम में कई वायदे किए गए थे लेकिन उनका कहना है कि चुनाव के बाद कोई उनकी ओर मुड़ कर भी नहीं देखता. लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की दोहरी नीति इस इलाके के प्रति साफ झलकती है. चुनावी वादे तो होते हैं पर पांच साल में उन वादों में से एक भी पूरा नहीं होता. 

बड़े पर्दे पर भले ही यह जगह अपनी पहचान बना चुका है पर वासेपुर आज भी मूलभूत सुविधाओं से दूर है. वहीं, इसी इलाके में रहने वाले कुछ हिंदू लोगों का कहना है कि आज तक इस मुस्लिम बहुल इलाके में रहने के बावजूद उन्हें बेगाने होने का एहसास नहीं हुआ.

वासेपुर के ज्यादातर लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों से कोई उम्मीद नहीं है. उनके लिए वोट देने का पैमाना सिर्फ विकास है. यहां के अधिकतर लोगों को ना किसी पार्टी में दिलचस्पी है और ना हीं किसी सियासत से. उन्हें बस उम्मीद है कि इस बार जो सासंद बने वो इलाके की तस्वीर बदल दे. 

वहीं, यहां के कुछ स्थानीय युवा का यह भी कहना है कि झगड़े कई जगहों पर होते हैं लेकिन वासेपुर पर बनी फिल्म की वजह से लोगों के मन में इलाके को लेकर निगेटिव इमेज बनी जबकि असल इस इलाके में कई युवा सिविल सर्विसेज में जा चुके हैं तो कई घरों में वकील, डॉक्टर और इंजीनियर के पद पर लोग काम कर रहे हैं. 

कई सामाजिक संगठन यहां लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं लेकिन आने वाला समय बताएगा कि वासेपुर के लोगों ने इस बार आखिर किसे चुना है.