बिहार की सियासत में शुरू हुआ लेटर वॉर, जेडीयू-आरजेडी कर रहे एक दूसरे पर हमला

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते हुए पत्र में कहा, "लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनादेश का अनादर कर जनता की नजरों में आप आदर-सम्मान खो चुके हैं.

बिहार की सियासत में शुरू हुआ लेटर वॉर, जेडीयू-आरजेडी कर रहे एक दूसरे पर हमला
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है.

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर निशाना साधा. हीं, इसके जवाब में नीतीश की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को पत्र लिखकर पलटवार किया. 

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते हुए पत्र में कहा, "लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनादेश का अनादर कर जनता की नजरों में आप आदर-सम्मान खो चुके हैं. जनता द्वारा जगह-जगह पर निरंतर आपका विरोध यह दर्शाता है कि आप जनता के लिए कितने अप्रिय हो गए हैं लेकिन मेरे लिए आप अब भी अतिप्रिय हैं." 

 

उन्होंने आगे लिखा, "चाचा जी आप कह रहे थे कि मेरे पिता चाहे कितनी भी कोशिश कर लें जेल से बाहर नहीं आ सकते. आप उन्हें जेल से बाहर नहीं आने देंगे. आपके स्वयं को सर्वोच्च न्यायालय से भी ऊपर समझ कर फैसला सुनाने के पीछे कौन सी नई साजिश है ये तो मुझे नहीं पता लेकिन बिहार की क्या विडंबना है ये मुझे पता है." 

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने मुजफ्फरपुर बालिका आवासगृह मामले में नीतीश को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "नीतीश चाचा, ये आपके शासन की सबसे बड़ी विडंबना है कि गरीब लोगों और वंचितों की आवाज उठाने वाले आज जेल में बैठे हैं और आप मुजफ्फरपुर में मासूम बच्चियों के साथ हुए घिनौने कांड में संलिप्त अपने दुलारे और चेहते आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ केक काट रहे हैं, वो आपकी चुनावी रैलियों का संचालन कर रहा होता है." 

उन्होंने कहा कि बिहार जानता है कि धोखे से मतदाता का वोट हड़पने वाला चोर दरवाजे से आज बिहार की कुर्सी पर बैठा है और मतदाताओं को झूठे सपने दिखाकर उसका जीवन तबाह करने वाला आज देश की कुर्सी पर बैठा है.

तेजस्वी ने दावा करते हुए कहा कि जिस बिजली और सड़क की बात नीतीश कुमार कर रहे हैं वह 2004 से 2014 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार में रेलमंत्री रहे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश बाबू के कारण नसीब हुआ. उन्होंने विकास कार्यो के लिए बिहार को असीमित फंड दिलवाए. 

उन्होंने कहा, "बहरहाल, आप ये भी कह रहे थे कि जेल से चिट्ठी लिखने वाले अगर जेल से बाहर आए तो लालटेन वाले दिन लौट आएंगे. आप बहुत घर-घर बल्ब जलाने का दावा करते हैं ना? चाचा जी आज हम बताते हैं आपके इस दावे की हकीकत क्या है."

उन्होंने कहा कि बिहार में गांवों में घर-घर बिजली पहुंचाने के 'इंफ्रास्ट्रक्चर'का काम पहले ही शुरू हो चुका था. दूसरी तरफ, जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी के पत्र का जबाव देते हुए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा. 

नीरज ने पत्र में कहा, "आप (लालू) तो राजकोष के खजाने को लूटने जैसे घृणित कार्य करने के कारण जेल चले गए परंतु आपके चरवाहा स्कूल का प्रभाव आपके पुत्र पर पड़ गया. आपने बेटे को ज्ञान नहीं दिया परंतु आपका बेटा अपने 'ज्ञान का आतंक' फैला रहा है. आपने अपने छोटे बेटे को उच्च शिक्षा नहीं दी और राजनीति में भी अधर में छोड़कर चले गए. आपके बेटे के बयान के कारण जगहंसाई हो रही है."

उन्होंने कहा, "राजद के शासनकाल में बिहार में सड़क और बिजली की स्थिति क्या थी, सभी को पता है. अब ऐसे बयानों से जगहंसाई हो रही है. अगर ऐसा है तो राजद के शासनकाल में सड़कों और बिजली का आंकड़ा जारी करें."

विधान पार्षद नीरज ने कहा, "मुजफ्फरपुर मामले में बिहार सरकार ने ही सीबीआई जांच की बात की है. इसके बाद भी अगर आपके बेटे (तेजस्वी) के पास सबूत हैं, तो सर्वोच्च न्यायालय में जाकर उसे सबूत देना चाहिए. वैसे, आपके बेटे तो महिलाओं के अपमान के लिए चर्चित हैं."

उन्होंने कहा, "विधायक राजबल्लभ यादव नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे हैं, परंतु अभी तक उसे पार्टी से नहीं निकाला गया बल्कि उसके परिवार के सदस्य को आपकी पार्टी ने नवादा से टिकट देकर पुरस्कार दिया." उन्होंने आगे लिखा, "आपका बेटा अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के आरोपी को तो पीए बनाकर रखता है और दूसरों को प्रवचन दे रहा है."