लोकसभा चुनाव 2019: प्राकृतिक सौंदर्य से सजे कोरबा से मैदान में उतरे हैं 13 उम्मीदवार

कोरबा जिले का गठन 25 मई 1998 को किया गया था. यह एक आदिवासी बहुसंख्यक जिला है, जो छत्तीसगढ़ के उत्तर-मध्य भाग में स्थित है. कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य की पावर कैपिटल कही जाती है. 

लोकसभा चुनाव 2019: प्राकृतिक सौंदर्य से सजे कोरबा से मैदान में उतरे हैं 13 उम्मीदवार

नई दिल्ली: हंसदेव और अहिरन नदियों के संगम के किनारे बसे कोरबा में हरे-भरे जंगल हैं. कोरबा को छत्तीसगढ़ का औद्योगिक केंद्र भी कहा जाता है. कोयला और पानी जैसे बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक सभी आवश्यक कच्चे माल से जिला अपने आपमें समृद्ध है. कोरबा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने ज्योति नंद दुबे, कांग्रेस पार्टी ने ज्योत्सना चंद्रदास महंत में टक्कर है. 

इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी ने परमित सिंह, अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया ने ने चंद्र भूषण कंवर और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने तुलेश्वर हीरा सिंह मरकम को चुनाव मैदान में उतारा है. इस सीट पर कुल 13 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं.

इससे पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बंशीलाल महतो ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने अपने करीबी कांग्रेस प्रतिद्वंदी चरणदास महंत को हराया था. पिछले लोकसभा चुनाव में बंशीलाल महतो को 4 लाख 39 हजार दो वोट हासिल हुए थे, जबकि कांग्रेस के चरणदास महंत 4 लाख 34 हजार 737 वोट मिले थे. पिछली बार इस सीट पर कुल 73.35 फीसदी मतदान हुआ था. हालांकि इस बार बीजेपी ने बंशीलाल महतो का टिकट काट दिया और उनकी जगह ज्योति नंद दुबे को चुनाव मैदान में उतारा है.

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इससे भी पहले साल 2009 में कोरबा लोकसभा सीट पर कांग्रेस के चरण दास ने बाजी मारी थी. उन्होंने बीजेपी की करुणा शुक्ला को हराया था. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में चरण दास को  3 लाख 14 हजार 616 वोट मिले थे और करुणा शुक्ला को 2 लाख 93 हजार 879 वोट मिले थे. इस सीट पर मतदान 58.42 फीसदी रहा.

इस लोकसभा सीट पर साल 2014 में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7 लाख 25 हजार 821 थी, जिनमें से 5 लाख 46 हजार 46 ने वोटिंग में हिस्सा लिया था. वहीं पंजीकृत 6 लाख 93 हजार 789 महिला वोटरों में से 5 लाख 6 हजार 674 महिला वोटरों ने वोट डाला था. इस तरह कुल 14 लाख 19 हजार 610 मतदाताओं में से कुल 10 लाख 52 हजार 720 ने चुनाव में अपनी हिस्सेदारी दर्ज की थी.

कोरबा जिले का गठन 25 मई 1998 को किया गया था. यह एक आदिवासी बहुसंख्यक जिला है, जो छत्तीसगढ़ के उत्तर-मध्य भाग में स्थित है. कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य की पावर कैपिटल कही जाती है. यह जिला बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आता है और मुख्य रूप से आदिवासी द्वारा संरक्षित जनजाति कोरवा (पहाड़ी कोरवा) का बसाया हुआ है.