close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

लोकसभा चुनाव: महाराष्ट्र में प्रीतम मुंडे, सुशील कुमार शिंदे जैसे कई दिग्गजों की किमस्त आज होगी EVM में कैद

इन सीटों पर चुनावी समर में पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे, एम.आई.एम. से गठबंधन कर चुनाव में कूदी बहुजन वंचित आघाडी  के प्रकाश अंबेडकर जैसे कई दिग्गजों की किस्मत तय होगी. 

लोकसभा चुनाव: महाराष्ट्र में प्रीतम मुंडे, सुशील कुमार शिंदे जैसे कई दिग्गजों की किमस्त आज होगी EVM में कैद
महाराष्ट्र की दस लोकसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है.

मुंबई : महाराष्ट्र की दस लोकसभा सीटों सोलापुर, नांदेड, अकोला, अमरावती, बुलढाणा, हिंगोली,परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातुर, में आज मतदान हो रहा है. इन सीटों पर चुनावी समर में पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे, एम.आई.एम. से गठबंधन कर चुनाव में कूदी बहुजन वंचित आघाडी  के प्रकाश अंबेडकर जैसे कई दिग्गजों की किस्मत तय होगी. 

1.सोलापुर लोकसभा सीट : यहां पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आखिरी लोकसभा चुनाव लडने का एलान किया है. विपक्ष इसे शिंदे का सहानुभूति हासिल करने का दांव मान रहा है. सोलापुर लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है लेकिन बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है. बीजेपी ने धार्मिक गुरु जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य को मैदान में उतार कर चुनाव दिलचस्प कर दिया है. जबकि बहुजन वंचित आघाडी के प्रकाश आंबेडकर भी कडी टक्कर दे रहे हैं. इस सीट पर कुल छ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं.

बीजेपी के जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य लिंगायत समुदाय के हैं लिहाजा दलित और लिंगायत समुदाय के वोट बैंक के सहारे बीजेपी उम्मीदवार की चुनावी नैय्या पार होने की ज्यादा उम्मीदें हैं. जबकि कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे इस सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं और 2014 के चुनाव में मोदी लहर में शिंदे हार गये थे. शिंदे का ये गृहनगर है. मौजूदा चुनाव में कांग्रेस उनकी जीत  की खासी उम्मीद रखती है. 

2. नांदेड लोकसभा सीट: कांग्रेस के पूर्व  सी एम अशोक चव्हाण की किस्मत दांव पर है. इस सीट पर बीजेपी ने प्रताप चिखलीकर को चव्हाण के मुकाबले चुनाव में उतारा है.जबकि दलित और मुस्लिम वोट बैंक पर नजर गडाये बहुजन वंचित आघाटी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की चुनावी समर में मौजूदगी इस सीट पर मुकाबले को और दिलचस्प कर रही है. अशोक  चव्हाण नांदेड सीट से पिछले चुनाव में मोदी लहर के बावजूद अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे थे. हालांकि इस बार उन्हें बीजेपी कांटे की टक्कर दे रही है. नांदेड सीट दशकों से कांग्रेस का गढ रही है. और यही वजह है कि अशोक चव्हाण की जीत को लेकर पार्टी खासी आश्वस्त है. हालांकि बीजेपी के प्रतापचिखलीकर को लेकर पार्टी खासी आश्वस्त है. इस सीट पर कुल सात निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं.   

3.बीड लोकसभा सीट: बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे और एन.सी.पी. के बजरंग मनोहर सोनवणे के बीच कांटे की टक्कर है. वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवार के मैदान में होने से मुकाबला खासा दिलचस्प है. प्रीतम मुंडे इस सीट से दूसरी बार संसद पहुंचने की उम्मीद मे हैं. इस सीट में आनेवाली छ विधानसभा सीटों  पर बीजेपी का वर्चस्व है और जातीय समीकरण भी बीजेपी को अपने पक्ष में नजर आता है लिहाजा प्रीतम मुंडे की जीत को लेकर पार्टी आश्वस्त है. जबकि एन.सी.पी. के उम्मीदवार बजरंग सोनावणे को लेकर एन.सी.पी. पार्टी खासी उत्साहित है. इसके अलावा इस सीट छब्बीस निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में हें. 

4.अकोला लोकसभा सीट: बीजेपी के मौजूदा सांसद संजय धोत्रे फिर एक बार चुनावी समर में है और जीत की उम्मीद कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने इस बार  हिदायतुल्ला बरकतुल्लाह पटेल को मैदान में उतारा है. वंचित बहुजन आघाडी के प्रकाश आंबेडकर और बी.एस.पी. ने भी अपने उम्मीदवार उतारकर चुनावी मुकाबला बहुकोणीय बना दिया है. हालांकि बीजेपी को अपने उम्मीदवार की जीत की उम्मीद है संजय धोत्रे तीन बार यहां से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि  कांग्रेस के बरकतुल्लाह उन्हें इस बार कडी टक्कर दे रहे हैं. 

5.अमरावती लोकसभा सीट: इस सीट पर मौजूदा शिवसेना सांसद आनंदराव अडसुल तीसरी बार लोकसभा चुनाव में जीतने की उम्मीद कर रहे हैं. आनंदराव अडसुल का मुकाबला एन.सी.पी. और कांग्रेस के गठबंधन के समर्थन से स्वाभिमान पार्टी बैनर तले चुनाव में उतरी नवनीत राणा से है. नवनीत राणा दक्षिण की फिल्मों की अदाकारा भी रह चुकीं हैं. इस सीट पर 15 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं. लेकिन अडसुल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं. हालांकि नवनीत राणा से उन्हें कडी टक्कर मिल रही है. 

6. बुलढाणा लोकसभा सीट: इस सीट पर शिवसेना के प्रतापराव जाधव तीसरी बार चुनाव जीतने की उम्मीदें बांधे बैठे हैं. हालांकि इस सीट पर उनका सीधा मुकाबला एन.सी.पी. के डाक्टर राजेंद्र शिंगडे से माना जा रहा है. बीएसपी समेत कुल सात और निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं. लेकिन शिवसेना के उम्मीदवार की जीत की खासी उम्मीद है. और एनसीपी दूसरे नंबर पर रहेगी. 

7. हिंगोली लोकसभा सीट: इस सीट पर कांग्रेस ने शिवसेना के पूर्व सांसद सुभाष वानखेडे को अपना टिकट थमाकर मैदान में उतारा है. इस सीट पर मोदी लहर के बावजूद 2014 में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. लिहाजा कांग्रेस जीत को लेकर इस बार भी खासी आशवस्त है. वहीं शिवसेना के हेमंत पाटिल कांग्रेस को कडी टक्कर दे रहे हैं. बीएसपी समेत कुल 17 और उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन सुभाष वानखेडे अपनी स्थिति मजबूत मान रहे हैं. 

8. परभणी लोकसभा सीट: इस लोकसभा सीट पर मौजूदा शिवसेना सांसद हरिभाउ जाधव फिर एक बार जीत की उम्मीद कर रहे हैं. जाधव का मुख्य मुकाबला एन.सी.पी. के राजेश उत्तमराव से है. इस लोकभा सीट मे आने वाली छ विधानसभा सीटों पर एन.सी.पी. बीजेपी और शिवसेना का कब्जा है. लिहाजा कांटे की टक्कर मानी जा रही है. 

9.  उस्मानाबाद लोकसभा सीट: एन.सी.पी. के रणजीत सिंह पाटिल मजबूत स्थिति में हैं. जबकि शिवसेना के उम्मीदवार ओमराजे निंबाल्कर भी उन्हें कडी टक्कर दे रहे हैं.  शिवसेना ने अपने मौजूदा सांसद रविंद्र गायकवाड का टिकट काटकर नये उम्मीदवार को मैदान में उतारा है. साल 2017 में सांसद रविंद्र गायकवाड ने एयर इंडिया विमान में स्टाफ को चप्पल मार दी थी.  एन.सी.पी.के प्रत्याशी पाटिल की जीत की खासी उम्मीदें हैं. 

10. लातुर लोकसभा सीट पर बीजेपी के सुधाकर तुकाराम श्रंगारे को कांग्रेस के मछिंद्र कामत कडी टक्कर दे रहे हैं. हालांकि बीजेपी उम्मीदवार के चुनाव में जीत को लेकर बीजेपी आश्वस्त है. इस सीट पर बीएसपी और वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवारों ने कांग्रेस के दलित मुस्लिम वोटबैंक में सेंधलगाकर बीजेपी की जीत खासी सुनिश्चित कर दी है. हालांकि लातुर सीट किसी वक्त में कांग्रेस का गढ रही है.