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बात हो रही है लोकसभा चुनाव के रिजल्ट की, CM नीतीश ने कुछ अलग ही बात कह दी

बिहार में 2020 का विधानसभा चुनाव विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर लड़ा जायेगा, ये अब साफ हो गया है. सत्ताधारी जदयू ने इसे मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है, लेकिन विपक्ष और राजनीति के जानकारों का कहना है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना इतना आसान नहीं होगा. 

बात हो रही है लोकसभा चुनाव के रिजल्ट की, CM नीतीश ने कुछ अलग ही बात कह दी
नीतीश कुमार पिछले करीब 20 साल से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग उठा रहे हैं.

पटना: देशभर की नजरें लोकसभा चुनाव के रिजल्ट (Lok sabha election results 2019) पर टिकी हैं, लेकिन इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसी बात कह दी है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए किस मुद्दे के साथ जनता के बीच जाएगी. बिहार में 2020 का विधानसभा चुनाव विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर लड़ा जायेगा, ये अब साफ हो गया है. सत्ताधारी जदयू ने इसे मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है, लेकिन विपक्ष और राजनीति के जानकारों का कहना है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना इतना आसान नहीं होगा. 

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग एक दशक से भी ज्यादा पुरानी है. समय और परिस्थिति के मुताबिक ये मुद्दा बिहार की राजनीति में सुर्खियां बटोरता रहा है. इस दौरान कई मौके ऐसे आये हैं, जब केंद्र सरकार की ओर से विशेष राज्य के दर्जे के सवाल को खारिज कर दिया गया है, लेकिन 2019 के चुनाव के बाद एक बार फिर से विशेष राज्य का मुद्दा उभरा है और माना जा रहा है कि सत्ताधारी जदयू इसी मुद्दे पर 2020 का चुनाव लड़ने की तैयारी में है. इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रतिबद्धता जता रहे हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, 'हम अब भी बिहार को विशेष दर्जा दिलाने के पक्ष में हैं. यह मुद्दा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे.' राजनीतिक विश्लेषक एनके चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष राज्य के दर्जे के सवाल को भले ही पूरे बिहार की मांग बता रहे हैं, लेकिन ये इतना आसान नहीं है. राजनीतिक विश्लेषक डीएम दिवाकर ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर पहले भी दिल्ली की दौड़ लगा चुके हैं. विशेष राज्य का दर्जा का मुद्दा आरजेडी उठाती रही है. आरजेडी आरोप लगाती है कि वाजपेयी की सरकार में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने वाला था लेकिन नीतीश कुमार ने अड़ंगा लगा दिया था.

इधर, जदयू की सहयोगी भाजपा के नेता अरुण सिन्हा ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा हमारी मांग रही है, इसमें जो भी तकनीकी बाधाएं हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास होना चाहिये. जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति का आरोप सत्तापक्ष पर लगा रहा है. आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि बीजेपी और नीतीश कुमार बिहार की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं, ये लोग राज्य की जनता को ठग रहे हैं.

बिहार को विशेष राज्य के दर्जे का मुद्दा हर बड़े मौके पर गूंजता रहा है. 15वें वित्त आयोग के सामने बिहार की ओर से मजबूती से अपनी मांग को रखा गया है और उन सभी शंकाओं को भी दूर किया गया है, जिनको आधार बना कर केंद्र सरकार इसे खारिज करती रही है. ऐसे में 2020 में होनेवाले विधानसभा चुनाव से लगभग डेढ़ साल पहले जदयू की ओर से जिस तरह से इस मुद्दे को फिर से केंद्र में लाकर खड़ा किया गया है, उससे साफ लगता है कि अब इस मुद्दे पर आर या पार की स्थिति आने वाली है.