सिकंदराबाद लोकसभा सीट: कांग्रेस के किले में BJP ने लगाई थी सेंध, अब है कड़ा मुकाबला

इस सीट पर 28.85 फीसदी वोटिंग हुई है और 28 प्रत्याशी ने किस्मत आजमाई है. अब देखना यह होगा कि 23 मई को मतगणना में किस प्रत्याशी को फतह मिलेगी?

सिकंदराबाद लोकसभा सीट: कांग्रेस के किले में BJP ने लगाई थी सेंध, अब है कड़ा मुकाबला
BJP ने सिकंदाबाद से मौजूदा सांसद बंडारू दत्तात्रेय की बजाय इस बार जी किशन रेड्डी पर विश्वास जताया है.

सिकंदराबाद: तेलंगाना की सिकंदराबाद लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने अंजन कुमार यादव और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने तालासानी साई किरन यादव को चुनाव लड़वाया है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मौजूदा सांसद बंडारू दत्तात्रेय की बजाय इस बार गंगापुरम किशन रेड्डी पर विश्वास जताया है. इस सीट पर 28.85 फीसदी वोटिंग हुई है और 28 प्रत्याशी ने किस्मत आजमाई है. अब देखना यह होगा कि 23 मई को मतगणना में किस प्रत्याशी को फतह मिलेगी? इस सीट पर 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान हो चुका है.

कांग्रेस के दबदबे वाली सिकंदराबाद सीट पर तेलंगाना सरकार के मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव के बेटे तलसानी साईकिरण यादव चुनाव लड़े हैं. वह टीआरएस से सबसे कम उम्र के उम्मीदवार हैं. 2018 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने अपने पिता की जीत के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया.

इस सीट से कांग्रेस का चेहरा पूर्व सांसद अंजन कुमार यादव हैं, जिन्होंने आखिरी बार 2009 में चुनाव जीता था. वह टीआरएस से मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव के बेटे और गंगापुरम किशन रेड्डी के साथ पहली बार चुनाव लड़े.

1957 में हुए देश के दूसरे लोकसभा चुनावों के बाद अस्तित्व में आई सिकंदराबाद सीट कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती थी. यहां पर 17 आम चुनावों में 12 बार कांग्रेस का प्रतिनिधि जीत चुका है जबकि चार बार बीजेपी और एक बार निर्दलीय को सफलता हाथ लगी थी. पिछली बार मोदी लहर में बीजेपी के बंडारू दत्तात्रेय ने फतह हासिल की थी.

सिकंदराबाद संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें आती हैं. ये सीटें हैं- सिकंदराबाद, मुशीराबाद, अम्बरपेट, खैराताबाद, जुबली हिल्स, सनथ नगर और नामपल्ली. बीते साल 2018 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद यहां पर सात में से छह सीटों पर टीआरएस को जीत मिली थी. वहीं असददुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने सिर्फ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई थी.

पता हो कि तेलंगाना भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर भारत का 29वां राज्य बना था. दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी हैदराबाद है. राज्य में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की अगुवाई में टीआरएस पार्टी की सरकार है. इस राज्य में 119 विधानसभा सीटें और 17 लोकसभा सीटें हैं. वहीं प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 31 है.