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लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश यादव को रास नहीं आया महागठबंधन

भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिये बनाये गये सपा-बसपा गठबंधन के खातिर यादव ने अपना अंहकार एक किनारे रखा और भतीजा-बुआ (मायावती) मिलकर मैदान में उतरे. 

लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश यादव को रास नहीं आया महागठबंधन
यूपी में काम नहीं आया सपा-बसपा-रालोद गठबंधन. फाइल फोटो

लखनऊ : अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती के गठबधंन को भले ही उप्र में भाजपा की भारी जीत के कारण मनमुताबिक परिणाम नहीं मिले हैं लेकिन समाजवादी पार्टी अध्यक्ष को उनके एकजुटता के प्रयासों के लिये पूरे नंबर मिलेंगे.

भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिये बनाये गये सपा-बसपा गठबंधन के खातिर यादव ने अपना अंहकार एक किनारे रखा और भतीजा-बुआ (मायावती) मिलकर मैदान में उतरे. इसमें उनकी पत्नी डिंपल ने भी मदद की जब उन्होंने वरिष्ठ नेता मायावती के भीड़ भरी जनसभा में सबके सामने पैर छुए.

 

एक जुलाई 1973 को इटावा के सैफेई में जन्मे अखिलेश ने अपनी पढ़ाई राजस्थान के धौलपुर सैन्य स्कूल में की. बाद में उन्होंने पर्यावरण इंजीनियरिंग में मैसूर विश्वविदयालय से डिग्री हासिल की. फिर उन्होंने आस्ट्रेलिया के सिडनी से परास्नातक की डिग्री हासिल की.

सन 2000 में उन्होंने कन्नौज के लोकसभा उपचुनाव से राजनीति में अपना पहला कदम रखा और जीत हासिल की. वह 2004 और 2009 में भी कन्नौज से चुनाव जीते. अखिलेश यादव और डिंपल की तीन संताने है, अदिति, अर्जुन और टीना.