close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

आजमगढ़ से पिता मुलायम की विरासत संभालने उतरे अखिलेश यादव, कुछ ऐसा रहा है राजनीतिक सफर

अखिलेश यादव ने मैसूर यूनिवर्सिटी से सिविल इन्वाइरन्मेंटल इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी से भी पढाई की.

आजमगढ़ से पिता मुलायम की विरासत संभालने उतरे अखिलेश यादव, कुछ ऐसा रहा है राजनीतिक सफर
27 साल की उम्र में अखिलेश यादव पहली बार कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद बने. अखिलेश यादव 2000, 2004, 2009 में लोकसभा सांसद के रूप में चुने गए.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) अपने अंतिम दौर में है और 23 मई को चुनावी नतीजों के साथ तय हो जाएगा कि देश में किसी सरकार बनेगी. इन सबके बीच उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ लोकसभा सीट चर्चाओं में बनी हुई है. दरअसल, इस सीट से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रत्याशी हैं. 38 साल की उम्र में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर पहुंचने वाले अखिलेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर राजनीति में आने का मन बनाया.   

देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने अखिलेश यादव का जन्म एक जुलाई, 1973 में उत्तर प्रदेश में इटावा ज़िले के सैफई गांव में हुआ था. अखिलेश के पिता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव हैं. मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी की स्थापना की और वर्तमान में वह इसके संरक्षक हैं. राजनीति में अखिलेश को सबसे चर्चित युवा राजनेता के रूप में जाना जाता है. 

अखिलेश की प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान के धौलपुर सैनिक स्कूल से हुई थी. उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी से सिविल इन्वाइरन्मेंटल इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी से भी पढाई की. अखिलेश यादव एक इंजीनियर, एग्रिकल्चरिस्ट और सामाजिक-राजनीतिक वर्कर हैं. अखिलेश यादव 24 नवंबर 1999 को डिंपल यादव के साथ शादी के बंधन में बंधे. अखिलेश और डिपंल की दो बेटियां (अदिति, टीना) और एक बेटा अर्जुन है. 

27 साल की उम्र में अखिलेश यादव पहली बार कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद बने. अखिलेश यादव 2000, 2004, 2009 में लोकसभा सांसद के रूप में चुने गए. वहीं, 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बहुमत मिलने के बाद अखिलेश यादव को विधायक दल का नेता चुना गया. 15 मार्च, 2012 में वह देश में सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने.