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अलीपुरद्वार सीट पर BJP या आरएसपी कौन देगा दशरथ तिर्की को मात?

1967 में अस्तित्व में आई अलीपुरद्वार सीट राजनीतिक लिहाज से हर पार्टी के लिए खास रही है. बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए हर तरह से कोशिश कर चुकी है, लेकिन कामयाबी अब तक कुछ ही बार मिल पाई है. 

अलीपुरद्वार सीट पर BJP या आरएसपी कौन देगा दशरथ तिर्की को मात?
दशरथ तिर्की का फाइल फोटो

नई दिल्ली : 1967 में अस्तित्व में आई अलीपुरद्वार सीट राजनीतिक लिहाज से हर पार्टी के लिए खास रही है. बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए हर तरह से कोशिश कर चुकी है, लेकिन कामयाबी अब तक कुछ ही बार मिल पाई है. 1977 से 2009 के लोकसभा चुनावों तक इस सीट पर रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) का कब्जा रहा. 

2014 के आम चुनाव में यह सीट तृणमूल कांग्रेस के खाते में चली गई और रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से ही तीन बार के विधायक रहे दशरथ तिर्की सांसद चुने गए. कहा जाता है कि दशरथ के नाम पर इस सीट पर उन्हें वोट मिलें. अन्यथा एक बार फिर यह सीट आरएसपी के ही खाते में जाती. दशरथ तिर्की को राजनीति का दिग्गज भी कहा जाता है. सांसद बनने से पहले वो वह कुमारग्राम विधानसभा सीट से 2001, 2006 और 2011 में लगातार विधायक भी रह चुके हैं.

बता दें कि अलीपुरद्वार पश्चिम बंगाल का एक छोटा-सा कस्बा है. इस क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की सात सीटें आती हैं, जिसमें कालचीनी, तूफानगंज, अलीपुरद्वार, मदरीहाट, फलकाटा, कुमारग्राम और नगरकाटा शामिल हैं. इसमें से अलीपुरद्वार विधानसभा सीट को छोड़कर सभी सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.