लोकसभा चुनाव 2019 : जानिए क्या कहता है बसीरहाट लोकसभा सीट का राजनीतिक समीकरण

बसीरहाट लोकसभा सीट पर आमतौर पर कांग्रेस और माकपा के बीच मुकाबला रहा है, लेकिन 2009 के आम चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार इस सीट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी.

लोकसभा चुनाव 2019 : जानिए क्या कहता है बसीरहाट लोकसभा सीट का राजनीतिक समीकरण
फाइल फोटो.

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में बसीरहाट औपनिवेशक काल में तेभागा किसान आंदोलन की जमीन रही है. सीट के अस्तित्व में आने से लेकर अब तक यहां पर कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच सीधे टक्कर रही है. लेकिन 2009 के आम चुनावों में इस सीट पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने बाजी मारी. 

क्या कहता है सामाजिक ताना-बाना
जनगणना 2011 के मुताबिक बसीरहाट संसदीय क्षेत्र की आबादी 2200148 है जिसमें 86.81% गांवों में रहती है जबकि 13.19% आबादी शहरी है. इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की हिस्सेदारी क्रमशः 25.34 और 6.56 फीसदी है. मतदाता सूची 2017 के मुताबिक बसीरहाट संसदीय क्षेत्र में 1613131 मतदाता हैं जो 1822 पोलिंग केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं.

2014 के चुनावों की रिपोर्ट
बसीरहाट लोकसभा सीट पर आमतौर पर कांग्रेस और माकपा के बीच मुकाबला रहा है, लेकिन 2009 के आम चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार इस सीट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. 2014 के आम चुनावों में समूचे बंगाल में मोदी नहीं बल्कि ममता बनर्जी की लहर चली थी और तृणमूल कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार के चुनावों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी और माकपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है.