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श्रीनगर: वोटिंग के दौरान चुनाव अधिकारी को पड़ा हार्ट अटैक, CRPF जवान ने मुंह से सांस देकर बचाई जान

कांस्टेबल सुरिंदर कुमार बसपोरा में मतदान केंद्र पर तैनात थे. वहां उन्‍होंने देखा कि मतदान केंद्र के पोलिंग अफसर अहसान-उल-हक का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. तो जवान ने उन्‍हें फर्स्ट ऐड (प्राथमिक उपचार) दिया, लेकिन एक मिनट के भीतर वह बेहोश हो गए.

श्रीनगर: वोटिंग के दौरान चुनाव अधिकारी को पड़ा हार्ट अटैक, CRPF जवान ने मुंह से सांस देकर बचाई जान
जवान ने बचाई अधिकारी की जान.

श्रीनगर : जम्‍मू और कश्‍मीर में लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण के मतदान में श्रीनगर लोकसभा सीट के तहत मतदान केंद्र पर तैनात एक चुनाव अफसर को दिल का दौरा पड़ा था. इस दौरान वहां मौजूद सीआरपीएफ के एक जवान ने मुंह से उन्‍हें सांस देकर उनकी जान बचाई.

28 बटालियन ई कंपनी के कांस्टेबल सुरिंदर कुमार का कहना है कि वह सुबह 9 बजे के करीब सरकारी स्कूल, बसपोरा में मतदान केंद्र पर तैनात थे. वहां उन्‍होंने देखा कि मतदान केंद्र के पोलिंग अफसर अहसान-उल-हक का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. तो जवान ने उन्‍हें फर्स्ट ऐड (प्राथमिक उपचार) दिया, लेकिन एक मिनट के भीतर वह बेहोश हो गए.

 

इस पर जवान ने तुरंत बटालियन में अपने डॉक्टर को फोन किया और उनसे मदद मांगी. डॉक्‍टर तुरंत समझ गए कि यह दिल का दौरा था. इस पर डॉक्‍टर ने जवान को निर्देश दिया कि वह चुनाव अधिकारी को cardiopulmonary resuscitation (सीपीआर) और अपने मुंह से उनके मुंह में सांस दें. जवान यह सब अगले 40 मिनट तक करता रहा. इसके बाद एंबुलेंस से उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया. इससे उनकी जान बच गई.

कांस्टेबल सुरिंदर कुमार बताया कि दोपहर में इस मतदान अधिकारी के परिजन उससे मिलने आए और उसका शुक्रिया अदा किया. कांस्टेबल सुरिंदर कुमार कहते हैं कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ी मानवता है. कांस्टेबल सुरिंदर कुमार रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा प्रशिक्षित 50 CRPF जवानों में से एक हैं. उन्‍होंने गंभीर परिस्थितियों के दौरान फर्स्ट ऐड देने की ट्रेनिंग हासिल की है. CRPF अफसरों को भी सुरिंदर कुमार पर गर्व है कि जिस तरह उसने समझदारी से स्थिति को संभाला और डॉक्टर के निर्देश का पालन किया.

CRPF प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि हम हमेशा इस तरह स्थिति के लिए अपने जवानों को ट्रेनिंग देते हैं. वह इस जवान ने जिस तरह अपने दिमाग का इस्तेमाल किया और मानवता की मिसाल पेश की है. उसके लिए जवान को पुरस्कृत करने का विचार किया जा रहा है.