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रोहतक लोकसभा सीट पर दीपेंद्र हुड्डा हैं बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती, दिलचस्प है मुकाबला

रोहतक लोकसभा सीट पर 2014 तक 17 बार चुनाव हुए हैं, यहां से ज्यादातर जाट समुदाय के नेता सांसद बने हैं. क्योंकि रोहतक में जाट वोटर्स की आबादी काफी ज्यादा है.

रोहतक लोकसभा सीट पर दीपेंद्र हुड्डा हैं बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती, दिलचस्प है मुकाबला
फाइल फोटो

रोहतक: ग्रीन लैंड के नाम से मशहूर हरियाणा भले अब पंजाब का हिस्सा नहीं है. ब्रिटिश भारत में पंजाब प्रान्त का एक भाग रहा है और इसके इतिहास में इसकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है. राज्य के दक्षिण में राजस्थान और पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और उत्तर में पंजाब की सीमा और पूर्व में दिल्ली क्षेत्र है. हरियाणा और पड़ोसी राज्य पंजाब की भी राजधानी चंडीगढ़ ही है. इस राज्य की स्थापना 1 नवम्बर 1966 को हुई. क्षेत्रफल के हिसाब से इसे भारत का 20 वां सबसे बड़ा राज्य बनाता है.

बात अगर लोकसभा चुनाव के लिहाज से रोहतक सीट की करें तो 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद हरियाणा के रोहतक लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी उम्मीदवार को एक लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया था. वहीं, 2009 में भी दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने यहां से बड़े अंतर से जीत हासिल की थी. रोहतक सीट पर हमेशा से हुड्डा परिवार का बोलबाला रहा है.

रोहतक लोकसभा सीट पर 2014 तक 17 बार चुनाव हुए हैं, यहां से ज्यादातर जाट समुदाय के नेता सांसद बने हैं. क्योंकि रोहतक में जाट वोटर्स की आबादी काफी ज्यादा है. इसलिए पार्टियां अधिकतर जाट समुदाय के नेता को ही उम्मीदवार बनाती हैं.  

2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर दीपेंद्र सिंह हुड्डा पर अपना दांव खेला है तो वहीं, बीजेपी ने अरविंद शर्मा को यहां से चुनावी मैजान में उतारा है. जेजेपी और आप गठबंधन ने रोहतक से दिग्विजय चौटाला को तो आईएनएलडी ने धर्मवीर फौजी को उम्मीदवार बनाया है. 

रोहतक के रण में बहरहाल जीत किसकी होती है यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए अपनी ताकत पूरी तरह से झोंक दी है. लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और 23 मई को जनता का फैसला लोगों के सामने होगा.