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खट्टर को नहीं मिली रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति, अदालत के आदेश पर ही मिली सुविधा

रात करीब साढ़े 8 बजे सरकार हाईकोर्ट में गई. सुनवाई के बाद ही खट्टर को नरवाना में ठहरने की अनुमति मिल पाई. 

खट्टर को नहीं मिली रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति, अदालत के आदेश पर ही मिली सुविधा
30 मिनट सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को रात को नरवाना में रेस्ट हाउस में ठहराने के आदेश दिए.

जींद: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) का प्रचार करने के बाद चंडीगढ़ लौट रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) को जिला निर्वाचन अधिकारी ने रात में नरवाना में ठहरने की अनुमति नहीं दी. लेकिन देर रात हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही वह रेस्ट हाउस में ठहर सके. मामला शुक्रवार देर शाम का है, जब खट्टर मंडी डबवाली में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद चंडीगढ़ लौट रहे थे. मौसम खराब होने की वजह से जब वह हेलीकॉप्टर से उड़ान नहीं भर सके तो सड़क मार्ग से जाने का फैसला किया और रास्ता काफी लंबा होने के कारण रात में नरवाना के सरकारी रेस्टहाउस में ठहरने का फैसला किया.

 

 

हाईकोर्ट में सरकार की ओर से किये गए दावे के अनुसार, खट्टर ने रास्ते में पडऩे वाले नरवाना सरकारी रेस्ट हाउस में रूकने की इच्छा जताई. इसके लिए एडीसी रजनीश गर्ग को बताया गया तो उन्होने जींद के जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त आदित्य दहिया को जानकारी दी. आदित्य ने इसकी इजाजत नहीं दी. उन्होंने कहा कि शाम 5 बजे चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है और ऐसे में कोई भी ऐसा व्यक्ति जो उस क्षेत्र का मतदाता नहीं है और चुनाव को प्रभावित कर सकता है, उसे उक्त क्षेत्र में रुकने की इजाजत नहीं मिल सकती. इसके तुरंत बाद हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी को भी इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने भी आचार संहिता का हवाला देते हुए खट्टर को नरवाना छोड़ने को कहा.

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी उमाशंकर ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को चिट्ठी भेजी. पूरा मामला बताते हुए लिखा गया कि डबवाली से चंडीगढ़ का रास्ता 340 किलोमीटर है. यह मुख्यमंत्री के लिए असुविधाजनक है. लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली. तब रात करीब साढ़े 8 बजे सरकार हाईकोर्ट में गई. सुनवाई के बाद ही खट्टर को नरवाना में ठहरने की अनुमति मिल पाई. 30 मिनट सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को रात को नरवाना में रेस्ट हाउस में ठहराने के आदेश दिए.