मेडक लोकसभा सीट: क्या कांग्रेस से अपना किला बचाने में इस बार भी कामयाब रह पाएगी TRS?

मेडक लोकसभा सीट पर 11 अप्रैल को वोट पड़ चुके हैं और यहां 68.60 फीसदी मतदान हुआ. अब 23 मई को आने वाले चुनावी परिणाम में इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा.

मेडक लोकसभा सीट: क्या कांग्रेस से अपना किला बचाने में इस बार भी कामयाब रह पाएगी TRS?
चुनाव प्रचार के दौरान जनता का हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए टीआरएस प्रत्याशी प्रभाकर रेड्डी. (फोटो साभार: FB)

मेडक: तेलंगाना के मेडक संसदीय क्षेत्र से मौजूदा सांसद कोथा प्रभाकर रेड्डी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के टिकट पर फिर से चुनाव मैदान में हैं. उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कुमार (Anil Kumar Gali) से है. बीजेपी ने एम रघुनंदन राव (N Ramchandra Rao) पर दांव लगाया है. इस लोकसभा सीट पर 11 अप्रैल को वोट पड़ चुके हैं और यहां 68.60 फीसदी मतदान हुआ. अब 23 मई को आने वाले चुनावी परिणाम में इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा.

2014 में तेलंगाना के सीएम केसीआर ने सरकार के गठन के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था. उस दौरान इस लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीआरएस के प्रत्याशी प्रभाकर ने कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मंत्री वी. सुनीता रेड्डी को 3,61,273 मतों के भारी अंतर से हराया था.

उधर, 2018 में हुए राज्य चुनाव में टीआरएस की तरफ से  विधानसभा का टिकट न मिलने पर गल्ली अनिल कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए और अब वह मेडक सीट से पहली बार लोकसभा  उम्मीदवार हैं. जिला कांग्रेस के इतिहास में मेडक एक विशेष स्थान रखता है, क्योंकि यह वह संसदीय क्षेत्र है जहां से इंदिरा गांधी ने 1980 में प्रधानमंत्री बनने के लिए जीत हासिल की थी.  

2014 में 16वीं लोकसभा के लिए मेडक सीट जीतने वाले टीआरएस उम्मीदवार कोथा प्रभाकर रेड्डी को 5,71,800 यानी मतदान के 58.03 वोट मिले थे. जबकि दूसरे नंबर पर रहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता रेड्डी को 2,10,523 यानी 21.36 प्रतिशत मत मिले. वहीं, बीजेपी के जग्गा रेड्डी 1,86,334 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे. यहां 9,85,251 लोगों ने वोट किया था.    

तेलंगाना राज्य की सभी 17 सीटों पर पहले चरण यानी 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. 10 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद 18 मार्च को यहां नोटिफिकेशन निकाला गया और 25 मार्च को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख घोषित की गई. इसके बाद 26 मार्च को प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई और 11 अप्रैल को वोटिंग हुई.

तेलंगाना भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर भारत का 29वां राज्य बना था. राज्य में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की अगुवाई में टीआरएस पार्टी की सरकार है. इस राज्य में 119 विधानसभा सीटें और 17 लोकसभा सीटें हैं. वहीं प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 31 है.