लोकसभा चुनाव 2019: नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र है गढ़चिरौली-चिमूर, BJP-कांग्रेस में सीधी जंग

इस सीट से कांग्रेस ने इस बार कांग्रेस ने नामदेव उसेंडी को फिर से उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी ने मौजूदा सांसद अशोक नेते को फिर मैदान में उतारा है.

लोकसभा चुनाव 2019: नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र है गढ़चिरौली-चिमूर, BJP-कांग्रेस में सीधी जंग
बीजेपी और कांग्रेस के बीच है जंग. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha elections 2019) में जीत के लिए महाराष्‍ट्र की गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा सीट के लिए बीजेपी और कांग्रेस में सीधी जंग है. यह क्षेत्र नक्‍सल प्रभावित है. यहां सुरक्षाबलों और नक्‍सलियों के बीच अधिकतर एनकाउंटर होते हैं. इस सीट से कांग्रेस ने इस बार नामदेव उसेंडी को फिर से उम्मीदवार बनाया है. उसेंडी 2014 में विधायक थे जब वे गढ़चिरौली में कांग्रेस की तरफ से खड़े हुए लेकिन उन्हें पूर्व भाजपा विधायक अशोक नेते ने हरा दिया. अशोक नेते को बीजेपी ने एक बार फिर मैदान में उतारा है.

 

6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं इस लोकसभा सीट में
महाराष्‍ट्र की नक्‍सल प्रभावित गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा सीट 2008 से पहले सिर्फ चिमूर लोकसभा सीट के रूप में अस्तित्‍व में थी. बाद में यह गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा सीट बनी. इस सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनमें अमगांव, अरमोरी, गढ़चिरौली, अहेरी, ब्रह्मपुरी और चिमूर विधानसभा क्षेत्र हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्र गढ़चिरौली-चिमूर में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होंगे.

कांग्रेस का रहा दबदबा
मौजूदा गढ़चिरौली-चिमूर सीट 1967 में चिमूर लोकसभा सीट के रूप में अस्तित्‍व में आई थी. तब रामचंद्र मार्तंड सांसद बने थे. तबसे 2014 तक कांग्रेस 7 बार चुनाव जीती है. वहीं बीजेपी ने इस सीट पर पांच बार कब्‍जा किया है. इस बार भी यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्‍कर है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के अशोक नेते को 5.35 लाख वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस के नामदेव उसेंडी को 2.99 लाख वोट मिले थे.