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गाजियाबाद लोकसभा सीट से क्या BJP लगा पाएगी जीत की हैट्रिक ?

इस सीट पर 12 प्रत्याशी मैदान में हैं. लेकिन मुकाबला तीन प्रत्याशियों बीच है. इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा, बीजेपी से वीके सिंह और सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन से सपा नेता सुरेश बंसल मैदान में हैं. 

गाजियाबाद लोकसभा सीट से क्या BJP लगा पाएगी जीत की हैट्रिक ?
2009 में हुए परिसीमन के गाजियाबाद सीट अस्तित्व में आई.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के पहले चरण में यूपी के जिला गाजियाबाद में मतदान हुए. गाजियाबाद उत्तर प्रदेश की हॉट सीटों में से एक है. देश की राजधानी दिल्ली से सटी उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद लोकसभा सीट अभी भारतीय जनता पार्टी के पास है. इस सीट पर दो ही बार लोकसभा चुनाव हुए हैं और दोनों ही बार ये सीट बीजेपी के खाते में गई है. पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह अभी इस सीट से सांसद हैं. इस बार भी वह चुनावी मैदान में है, जिनकी टक्कर कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा से हैं.   

5 विधानसभा क्षेत्र
गाजियाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र गाजियाबाद साहिबाबाद, लोनी, मुरादनगर और धौलाना आते हैं. 2009 लोकसभा चुनाव से पहले ये सीट हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत थी. साल 2009 में हुए परिसीमन के बाद हापुड़ लोकसभा सीट को समाप्त कर दिया गया.

ये-ये हैं मैदान में
इस सीट पर 12 प्रत्याशी मैदान में हैं. लेकिन मुकाबला तीन प्रत्याशियों बीच है. इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा, बीजेपी से वीके सिंह और सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन से सपा नेता सुरेश बंसल मैदान में हैं. 

2014 में ऐसा था जनादेश
पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट पर मोदी लहर ने विरोधियों को बिखेर दिया था. साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी के जनरल वीके सिंह को 758,482 वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी राज बब्बर को मात्र 191,222 वोट मिले थे. 

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ऐसे मिला शहर को नाम
गाजियाबाद का इतिहास 2500 ईसा पूर्व का है. इसे मोहम्मद शाह के मंत्री वजीर गाजी-उद-दीन ने स्थापित किया था. इनके नाम से इस शहर का नाम 'गाजियाबाद' मिला. 1857 विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना और भारतीय विद्रोहियों के बीच भिडंत यहीं हुई थी, वैसे 'यूपी का डोर' कहे जाने वाले गाजियाबाद 133.3 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. 

क्या है राजनीतिक इतिहास
गाजियाबाद में पहली बार साल 2009 में चुनाव हुए थे. साल 2009 में पहली बार कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल और भारतीय जनता पार्टी के राजनाथ सिंह के बीच टक्कर हुई. कड़ी टक्कर में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस को पटखनी दी और गाजियाबाद से एमपी बने. दूसरी बार यानि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद की हाईप्रोफाइल सीट से फिर कांटे की टक्कर हुई. बीजेपी ने जहां जनरल वीके सिंह, कांग्रेस ने के राज बब्बर, सपा ने सुधंन रावत, बसपा ने मुकुल उपाध्याय और आम आदमी पार्टी ने शाजिया इल्मी को चुनावी रण में उतारा. 2014 के इस रण में  बीजेपी के जनरल वीके सिंह और कांग्रेस के राज बब्बर के बीच कांटे की टक्कर में वीके सिंह ने जीत की पताका लहराया और जनरल वीके सिंह यहां से सांसद बनें. जनरल वीके सिंह और राजबब्बर के बीच जीत का अंतर 42 प्रतिशत वोटों का था.