सीट बंटवारे पर सांसद ने जताई असहमति, कुमारस्वामी बोले- अपने लोगों से खुद निपटे कांग्रेस

 गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में देवगौड़ा के नाम की घोषणा होते ही तुमकुर संसदीय सीट से कांग्रेस के मौजूदा सांसद पी मुदाहनुमेगौड़ा ने जेडीएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. 

सीट बंटवारे पर सांसद ने जताई असहमति, कुमारस्वामी बोले- अपने लोगों से खुद निपटे कांग्रेस
फाइल फोटो

बेंगलुरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने लोकसभा चुनाव के लिये अपनी पार्टी जेडीएस के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस में असहमति होने पर शनिवार को नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इससे निपटना कांग्रेस का काम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह न तो किसी के सामने निवेदन करेंगे और न ही अपने आत्मसम्मान को ठेस लगने देंगे. तुमकुर में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार के बारे में पूछे गए सवाल पर कुमारस्वामी ने कहा, "यह हमारी पार्टी से संबंधित मामला नहीं है. उन्होंने मेरी पार्टी को आठ सीटें दी हैं. हमें आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने हैं. हम ऐसा करेंगे." 

एचडी कुमारस्वामी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा तुमकुर से चुनाव लड़ रहे हैं. कुमारस्वामी ने कहा, "हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की वहां अच्छी संख्या है. इसलिए मैं इस बारे में चर्चा नहीं करूंगा. मैं अपना काम करूंगा. कांग्रेस के लोगों को उनका काम करने दीजिए.’’ 

बता दें कि गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में देवगौड़ा के नाम की घोषणा होते ही तुमकुर संसदीय सीट से कांग्रेस के मौजूदा सांसद पी मुदाहनुमेगौड़ा ने जेडीएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मुदाहनुमेगौड़ा ने कहा है कि वह किसी भी हाल में तुमकुर सीट नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि वह सोमवार को तुमकुर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर अपना नामंकन दाखिल करेंगे. उन्होंने कहा कि यहां के लोग चाहते हैं कि मैं चुनाव लड़ूं. मुदाहनुमेगौड़ा का यह फैसला कर्नाटक में कांग्रेस औऱ जेडीएस गठबंधन के सीट समझौते के खिलाफ जाता नजर आ रहा है.

मुदाहनुमेगौड़ा ने कहा कि कर्नाटक में क्या यह गठबंधन धर्म है, क्या यही आपसी समन्वय है. मैं यहां से सांसद हूं और मुझे ही टिकट नहीं दिया जा रहा है. गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने संकेत दिए थे कि वह लोकसभा चुनाव 2019 नहीं लड़ेंगे. जेडीएस सुप्रीमो देवगौड़ा ने अपनी पारंपरिक हासन लोकसभा सीट अपने पोते प्रज्वल रेवन्ना को दे दी थी.