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बांसगाव लोकसभा सीट: जीत की हैट्रिक लगाने के लिए उतरेगी BJP, मिलेगी कड़ी टक्कर

अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित बांसगाव लोकसभा सीट पर बीजेपी के कमलेश पासवान ने 2009 और 2014 में जीत दर्ज की थी.

बांसगाव लोकसभा सीट: जीत की हैट्रिक लगाने के लिए उतरेगी BJP, मिलेगी कड़ी टक्कर
बांसगांव संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) का सियारी रण अपने चरम पर है. गोरखपुर जिले के अंतर्गत आने वाली बांसगांव लोकसभा सीट उत्तर प्रदेश की 17 सुरक्षित सीटों में से एक है. 1962 से अबतक बांसगाव लोकसभा सीट पर 14 आम चुनाव हो चुके हैं. इस सीट पर हुए पहले आम चुनाव में कांग्रेस के महादेव प्रसाद ने जीत दर्ज की थी. वहीं, इस सीट पर 2004 में भी महावीर प्रसाद आखिरी बार कांग्रेस के सांसद रहे थे. इस सीट पर पहली बार 1991 में जीती थी. वहीं, 2009 और 2014 के चुनावों में बीजेपी को फिर जीत मिली थी. बीजेपी की ओर से कमलेश पासवान यहां से मौजूदा सांसद हैं.

 

 

ये रहा था 2014 का जनादेश
2014 के आम चुनावों में मोदी लहर में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में 72 और सहयोगी घटक दल ने 1 सीट जीती थी. अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित बांसगाव लोकसभा सीट पर बीजेपी के कमलेश पासवान ने जीत दर्ज की थी. कमलेश ने बसपा के सदल प्रसाद को हराया था. बीजेपी प्रत्याशी कमलेश को चुनाव में 4,17,959 वोट हासिल हुए थे. वहीं, सदल प्रसाद को 2,28,443 वोट मिले थे. कमलेश ने दूसरे स्थान पर रह सदल प्रसाद को 1,89,516 वोटों से शिकस्त दी थी. सपा के गोरख प्रसाद 1,33,675 वोट के साथ इस सीट पर तीसरे स्थान पर रहे थे. 

सातवें चरण में होना है मतदान
बांसगाव लोकसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या 17,60,090 है. इनमें से 9,80,235 पुरुष मतदाता और 7,79762 महिला मतदाता हैं. बांसगांव लोकसभा सीट पर सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने पूर्व राज्य मंत्री सदल प्रसाद पर दांव लगाया है. वहीं, बीजेपी ने मौजूदा सांसद कमलेश पासवान पर एक बार फिर से भरोसा जताया है. वहीं, कांग्रेस ने कुश सौरभ के नाम पर मुहर लगाई है. बांसगांव संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है.