छोटा उदयपुर लोकसभा सीटः बीजेपी सांसद रामसिंह रावत को मिलेगा हैट्रिक जीत दर्ज करने का मौका

छोटा उदयपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी ने लगातार दो बार से जीत रही है.

छोटा उदयपुर लोकसभा सीटः बीजेपी सांसद रामसिंह रावत को मिलेगा हैट्रिक जीत दर्ज करने का मौका
रामसिंह रावत छोटा उदयपुर सीट से दो बार सांसद रहे हैं. (फाइल फोटो)

छोटा उदयपुरः गुजरात राज्य का छोटा उदयपुर जिला तीन विधानसभा क्षेत्रों वाला जिला है. इसकी सीमा मध्य प्रदेश से सटी है. हालांकि यह पहले वडोदरा जिला का हिस्सा था, लेकिन 26 जनवरी 2013 को इसे अलग जिला बनाया गया. यह गुजरात का 28वां जिला बनाया गया था. आजादी के पहले छोटा उदयपुर एक देसी रियासत हुआ करती थी.

छोटा उदयपुर लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है. 1967 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुआ था. हालांकि उस समय यह दाभोई सीट के अंतर्गत हुआ करता था. 1977 में छोटा उदयपुर सीट पर चुनाव पहली बार चुनाव हुआ जिसमें कांग्रेस ने जीत हासिक की थी.

1977 से लेकर 1998 तक लोकसभा चुनाव में लगातार कांग्रेस यहां जीत दर्ज करते आई है. 1977 से 1984 तक तीन बार लोकसभा चुनाव में अमरसिंह रावत ने तीन बार कांग्रेस को जीताया. वहीं, 1989 से 1998 तक नारनभाई रावत ने चार बार कांग्रेस को जीत दिलाई.

1999 में बीजेपी ने पहली बार छोटा उदयपुर सीट को जीतने में सफल हुई थी. बीजेपी के टिकट से रामसिंह रावत ने नारनभाई रावत को हराया था. हालांकि 2004 में नारनभाई ने फिर से छोटा उदयपुर सीट पर वापसी की और कांग्रेस को फिर से जीत दिलाया. लेकिन 2009 में रामसिंह रावत ने फिर नारनभाई को शिकस्त दी और बीजेपी को जीत दिलाई.

वहीं, 2014 में भी बीजेपी की टिकट से रामसिंह रावत ने अपनी जीत को बरकरार रखा. बीजेपी और रामसिंह रावत को छोटा उदयपुर सीट पर दो बार लगातार जीत हासिल हुई. वहीं, 2019 लोकसभा चुनाव में रामसिंह रावत के पास हैट्रिक जीत लगाने का मौका है. वहीं, दो बार से लगातार हार रहे नारनभाई को कांग्रेस फिर से मौका देगी यह सवाल हो सकता है.