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लोकसभा चुनाव 2019: कैसरगंज में क्या बेनी प्रसाद के बाद हैट्रिक लगा पाएंगे BJP के बृजभूषण!

प्रदेश की राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाने वाले बेनी प्रसाद वर्मा यहां से चार बार सांसद रहे हैं. कांग्रेस छोड़ने के बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 1996 से लगातार 2004 तक जीत दर्ज की. 

लोकसभा चुनाव 2019: कैसरगंज में क्या बेनी प्रसाद के बाद हैट्रिक लगा पाएंगे BJP के बृजभूषण!
2014 से पहले बृजभूषण शरण सिंह सपा से यहीं से सांसद रहे.

नई दिल्ली: कैसरगंज उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा क्षेत्रों में एक संसदीय सीट है. इस शहर की पहचान खुरमे (एक तरह की मिठाई) के लिए बहुत प्रसिद्ध है. प्रदेश की राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाने वाले बेनी प्रसाद वर्मा यहां से चार बार सांसद रहे हैं. कांग्रेस छोड़ने के बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 1996 से लगातार 2004 तक जीत दर्ज की. कैसरगंज लोकसभा सीट सपा का गढ़ रहा. 1991 के बाद साल 2014 में यहां बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. कैसरगंज उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा क्षेत्रों में एक संसदीय सीट है और यह 57वें नंबर की सीट है. महागठबंधन में ये सीट बसपा के पाले में गई है. 

कौन-कौन है मैदान में 
बीजेपी- बृजभूषण शरण सिंह
बीएसपी- चंद्रदेव राम यादव
कांग्रेस- विनय कुमार पांडे
पीएसपी (एल)- धनंजय शर्मा

 

2014 में क्या था जनादेश
उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के बृजभूषण शरण सिंह सांसद हैं. साल 2014 में उन्होंने सपा प्रत्याशी विनोद कुमार सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी. बृजभूषण शरण सिंह को 3,81,500 मिले थे. वहीं, दूसरे नंबर पर रहे  विनोद कुमार सिंह को 3,03,282 वोट मिले थे. बीएसपी के कृष्ण कुमार ओझा तीसरे और कांग्रेस के मुकेश श्रीवास्तव चौथे स्थान पर रहे थे. 

क्या है राजनीतिक इतिहास
साल 1957 में कैसरगंज लोकसभा सीट पर पहली बार चुनाव हुए. इस चुनाव में कांग्रेस के भगवादीन मिश्रा यहां से सांसद बने. साल 1962 में स्वतंत्रता पार्टी ने इस सीट पर कब्जा किया. साल 1967, 1971 और 1977 में भारतीय जनसंघ ने यहां से जीत हासिल की. साल 1980 और फरि 1984 में कांग्रेस दो बार लगातार इस सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही. साल 1989 में यहां बीजेपी ने अपना खाता खोला और रूद्र सेन चौधरी एमपी चुने गए. साल 1991 में फिर बीजेपी ने जीत दर्द की, लेकिन 1996 में हैट्रिक नहीं लगा सकी और सपा ने पहली बार जीत दर्ज की और बेनी प्रसाद वर्मा यहां से सांसद चुने गए. 1998, 1999 और 2004 में उन्होंने जीत दर्ज की, वह लगातार 4 बार यहां से सांसद रह चुके हैं. 2009 में भी ये सीट सपा के ही नाम रही लेकिन इस बार बृजभूषण शरण सिंह यहां के सांसद बने. 2014 में बृजभूषण शरण सिंह फिर मैदान में उतरे, लेकिन इस बार पार्टी सपा नहीं, बल्कि बीजेपी थी. बृजभूषण शरण सिंह ने साल 2014 में जीत दर्ज कर संसद एक बार फिर पहुंचे.