कांचीपुरम (सुरक्षित) : कांजीवरम साड़ियों के लिए मशहूर है यह लोकसभा सीट

तमिलनाडु की कांचीपुरम संसदीय सीट से 2014 के चुनाव में अन्नाद्रमुक के के मारागाथम ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने डीएमके प्रत्याशी जी सेल्वम को हराया था. साल 2014 के अनुसार इस सीट पर 14,80,123 मतदाता हैं.

कांचीपुरम (सुरक्षित) : कांजीवरम साड़ियों के लिए मशहूर है यह लोकसभा सीट

तमिलनाडु की कांचीपुरम संसदीय सीट से 2014 के चुनाव में अन्नाद्रमुक के के मारागाथम ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने डीएमके प्रत्याशी जी सेल्वम को हराया था. साल 2014 के अनुसार इस सीट पर 14,80,123 मतदाता हैं. इनमें से 7,36,993 मतदाता पुरुष और 7,43,130 महिलाएं हैं. यह सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है. पहली बार यह सीट 2008 में अस्तित्व में आयी थी और 2009 में यहां पर कांग्रेस उम्मीदवार केपी विश्वनाथन ने जीत दर्ज की थी.

मारागाथम को मिले थे 5 लाख वोट
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मारागाथम को करीब 5 लाख वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी जी सेल्वम को 3.52 लाख मत मिले थे. तमिलनाडु का यह शहर मंदिरों के शहर के नाम से मशहूर है. पहले इसे कांची या काचीअम्पाठी के नाम से जाना जाता था. कांचीपुरम पलार नदी के किनारे पर है और यह खास तरह की कांजीवरम साड़ियों के लिए दुनियाभर में मशहूर है.

कांचीपुरम की मान्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस शहर को देश के सात सबसे पवित्र शहरों में माना जाता है. यहां के मंदिर द्रविड़ विरासत और शहर के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता है. कांचीपुरम संसदीय सीट के अंतर्गत छह विधानसभा सीटें आती हैं. इन सीटों के नाम चेंगलपट्टू, तिरुपुर, चीयुर, उतरमेरूर, मदुरंथकम और कांचीपुरम हैं.