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लोकसभा चुनाव 2019: कानपुर से BJP के पचौरी दे पाएंगे कांग्रेस के जायसवाल को टक्कर!

साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी को मैदान में उतारा था. इस बार बीजेपी ने सत्यदेव पचौरी पर दांव खेला है.  

लोकसभा चुनाव 2019: कानपुर से BJP के पचौरी दे पाएंगे कांग्रेस के जायसवाल को टक्कर!
बीजेपी के सत्यदेव पचौरी और कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल के बीच जोरदार टक्कर है.

नई दिल्ली: कानपुर देश की हाई प्रोफाइल लोकसभा सीटों मे से एक है. इसे 'लेदर सिटी' के नाम से भी जाना जाता है. महाभारत के जमाने में कानपुर 'कर्णपुर' के नाम से जाना जाता था. एक दौर में कपड़ा उद्योग के चलते इसे 'पूर्व का मैनचेस्टर' कहा जाता था. हालांकि वक्त और सरकार की उपेक्षा के चलते यह शहर अपनी पहचान खोता चला गया और आज वह देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो गया. साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी को मैदान में उतारा था. इस बार बीजेपी ने सत्यदेव पचौरी पर दांव खेला है.  

इस बार ये हैं मैदान में 
बीजेपी- सत्यदेव पचौरी
आईएनसी- श्रीप्रकाश जायसवाल
समाजवादी पार्टी- राम कुमार
शिवसेना- बलवीर सिंह चंदेल

 

2014 में ये था जनादेश
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कानपुर संसदीय सीट से बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को मात दी थी. दो लाख से ज्यादा वोटों से श्रीप्रकाश जायसवाल हारे थे. चुनाव में बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी को 4,74,712 वोट, जबकि कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को 2,51,766 वोट मिले थे. सपा के सुरेंद्र मोहन अग्रवाल तीसरे स्थान पर रहे थे. साल 2014 में 51.83 फीसदी मतदान हुआ था. 

ऐसा है राजनीतिक इतिहास
आजादी के बाद से अब तक कानपुर संसदीय सीट पर 17 बार चुनाव हो चुके हैं. पहली बार 1952 में हुए चुनाव में कांग्रेस के हरिहरनाथ शास्त्री ने जीत दर्ज की थी. 1957 में दूसरी बार हुए चुनाव में यह सीट कांग्रेस के हाथों से निकल गई. 1957 से 1971 तक एसएम बनर्जी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कानपुर सीट का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद 1977 में भारतीय लोकदल से मनोहर लाल ने जीत हासिल की. साल 1980 में आरिफ मो. अहमद ने जीत हासिल करते हुए कांग्रेस की वापसी कराई, लेकिन 1989 में सीपीएम के सुभाषनी अली ने कांग्रेस को हैट्रिक लगाने से रोक दिया. साल 1991 में पहली बार बीजेपी का परचम लहराया और जगतवीर सिंह सांसद बनें. साल 1996 और 1998 में भी यहां से जीतने में कामयाब रही. साल 1999 लोकसभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस ने खोई हुई जीत वापस पाई और श्रीप्रकाश जायसवाल सांसद बनें और लगातार तीन बार यहीं से सांसद रहे. 2014 में बीजेपी ने डॉ मुरली मनोहर जोशी को टिकट दिया, जो जीत दर्ज करके कानपुर के नए सांसद बनें.