शिरोमणि अकाली दल के लिए लुधियाना लोकसभा सीट पर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी चुनौती

शिरोमणि अकाली दल के लिए लुधियाना लोकसभा सीट पर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी चुनौती

लुधियाना लोकसभा सीट के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो साल 1957 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी.

Trending Photos

    शिरोमणि अकाली दल के लिए लुधियाना लोकसभा सीट पर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी चुनौती

    लुधियाना: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनीति की शतरंज में पंजाब के लुधियाना लोकसभा सीट पर भी पार्टियों ने राजनीति के दांव लगाने शुरू कर दिए हैं. लुधियाना लोकसभा सीट के विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो यहां 9 क्षेत्र शामिल हैं. लुधियाना लोकसभा सीट के पर पिछले लोकसभा चुनाव की परिणामों की बात करें तो यहां 2014 में कांग्रेस के रवनीत सिंह ने 3,00,459 वोट के साथ जीत हासिल की थी. जबकि हरविंदर सिंह जो कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे उन्हें 2,80,750 मत मिले थे और वह दूसरे पायदान पर रहे थे.

    वहीं लुधियाना लोकसभा सीट के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो साल 1957 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. वैसे तो इस सीट पर शिरोमणि अकाली दल ने भी कई बार जीत का परचम लहराया था लेकिन जनता ने इस सीट पर सभी पार्टियों से ज्यादा कांग्रेस के सिर पर जीत का सेहरा बांधा है. लुधियाना लोकसभा सीट के विधानसभा की 9 सीटों की चर्चा करें तो इसमें लुधियाना पूर्वी, लुधियाना दक्षिण, लुधियाना सेंट्रल, लुधियाना पश्चिम, लुधियाना उत्तर, गिल, दखा व जगराव अतम नगर, शामिल हैं.

    वर्तमान में पंजाब की लुधियाना सीट पर कांग्रेस के रवनीत सिंह सांसद हैं. रवनीत सिंह ने दूसरी बार था इस सीट से जीत हांसिल करते हुए लोकसभा में पहुंचे थे. वहीं इस क्षेत्र के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की बात करें तो यहां लंबे समय तक लोधी वंश ने शासन किया था. इसी कारण इस जगह का नाम लोदी वंश के नाम पर पड़ा. इतिहासकारों के मुताबिक पहले इस क्षेत्र का नाम लोदीआना था. 

    यह वही क्षेत्र है जहां से प्रथम सिख युद्ध लड़ा गया था. लोधी वंश के शासकों ने इस शहर को सतलुज नदी के किनारे बसाया था. यहां के ऐतिहासिक विरासत की बात करें तो इसकी बानगी महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय में बखूबी नजर आता है. वहीं यहां के दर्शनीय स्थलों में नेहरू रोज गार्डन का नाम भी सबसे उपर आता है.

    Trending news