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सीट शेयरिंग में BJP को गवानी पड़ी नवादा सीट, LJP ने चंदन सिंह को दिया है टिकट

2014 के लोकसभा चुनाव में लगभग डेढ़ लाख मतों से जीत हासिल करने वाले गिरिराज सिंह को यह सीट छोड़नी पड़ी थी. बंटवारे में नवादा लोजपा के खाते में चली गई. 

सीट शेयरिंग में BJP को गवानी पड़ी नवादा सीट, LJP ने चंदन सिंह को दिया है टिकट
नवादा से लोजपा के प्रत्याशी हैं चंदन सिंह. (फाइल फोटो)

नवादा : एनडीए की तरफ से सीट शेयरिंग की घोषणा होते ही नवादा लोकसभा सीट सुर्खियों में आ गई थी. कारण बने थे गिरिराज सिंह. 2014 के लोकसभा चुनाव में लगभग डेढ़ लाख मतों से जीत हासिल करने वाले गिरिराज सिंह को यह सीट छोड़नी पड़ी थी. बंटवारे में नवादा लोजपा के खाते में चली गई. इसको लेकर गिरिराज सिंह ने नाराजगी भी जाहिर की थी. लोजपा के चंदन सिंह इस चुनाव में दांव आजमा रहे हैं. वहीं, आरजेडी ने रेप के मामले में सजा काट रहे राज वल्लभ प्रसाद की पत्नी विभा देवी को टिकट दिया है.

नवादा में कुल 18,92,017 मतदाता हैं. इनमें पुरुषों की संख्या 9,83,065 और महिलाओं की संख्या 9,08,871 है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी गिरिराज सिंह 3,90,248 मतों के साथ विजयी हुए थे. इसके अलावा आरजेडी उम्मीदवार राज वल्लभ प्रसाद को 2,50,091 और जेडीयू उम्मीदवार कौशल यादव को 1,68,217 मतदाताओं को समर्थन प्राप्त हुआ था.

नवादा में जातीय समीकरण पर गौर करें तो यहां भूमिहारों की आबादी सर्वाधिक है. इनकी संख्या सगभग 5 लाख के करीब है. इसके अलावा 2.50 लाख यादव, दो लाख मुस्लिम, एक लाख कुशवाहा और लगभग साढ़े चार लाख एससी/एसटी हैं.

भूमिहार वोटरों का दबदबा वाला नवादा संसदीय क्षेत्र 1957 में गया से अलग हुआ था. 1957 और 1962 में कांग्रेस को जीत मिली थी. 1967 में निर्दलीय सूर्य प्रकाश पूरी सांसद बने. 1971 में कांग्रेस के सुखदेव प्रसाद वर्मा चुनाव जीते. 1977 में भारतीय लोक दल के नथुनी राम सांसद बने थे. 1980 और 1984 में कांग्रेस को फिर यहां जीत मिली थी. 1989 से 1991 तक सीपीआई (एम) का कब्जा रहा. 1996 के चुनाव में पहली बार इस सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी. 1998 में आरजेडी से मालती देवी चुनाव जीतने में सफल रही. 1999 में बीजेपी से डॉ. संजय पासवान चुनाव जीते थे. 2004 के चुनाव में एक बार फिर आरजेडी को जीत मिली थी. 2009 में बीजेपी से डॉ. भोला सिंह और 2014 में बीजेपी से ही गिरिराज सिंह सांसद बने थे. नवादा लोकसभा में विधानसभा की कुल 6 सीटें हैं. इनमें चार पर महागठबंधन और दो पर एनडीए का कब्जा है.

चंदन सिंह का सियासी सफरनामा
लोजपा उम्मीदवार चंदन सिंह नवादा से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. वह बाहुबली नेता सूरजभान सिंह के भाई हैं. उनकी भाभी वीणा देवी मुंगेर संसदीय सीट से लोजपा सांसद हैं. यह सीट इस चुनाव में सहयोगी जेडीयू के खाते में चली गई. इस सीट से नीतीश कुमार के करीबी राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं.

विभा देवी का सियासी सफरनामा
विभा देवी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं. रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे राजवल्लभ यादव की पत्नी हैं. राजवल्लभ यादव कई बार नवादा सीट से विधायक रहे हैं.