पोरबंदर रही है बीजेपी का गढ़, कांग्रेस को मिल पाएगा महात्मा गांधी की जन्मभूमि में मौका

पोरबंदर सीट पर बीजेपी 1991 से 2014 तक लगातार जीत दर्ज की है. इस दौरान कांग्रेस केवल 2009 में एक बार जीत दर्ज कर पाया है.

पोरबंदर रही है बीजेपी का गढ़, कांग्रेस को मिल पाएगा महात्मा गांधी की जन्मभूमि में मौका
बीजेपी का गढ़ पोरबंदर में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती. (प्रतीकात्मक फोटो)

पोरबंदरः गुजरात राज्य का पोरबंदर जिला दक्षिण छोर पर स्थित अरब सागर से घिरा है. पोरबंदर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मभूमि है. इसलिए यहां महात्मा गांधी से जुड़े कई दर्शनीय स्थल हैं. यह एक ऐतिहासिक स्थान है.

पोरबंदर लोकसभा सीट पर काफी लंबे समय से बीजेपी का दबदबा रहा है. इसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है. 1984 के बाद से कांग्रेस पोरबंदर सीट से मात्र एक बार ही जीत पाई है. वहीं, 1977 से अब तक कांग्रेस के उम्मीदवार यहां तीन बार ही जीत दर्ज कर पाए हैं.

1991 की लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां पहली बार जीत दर्ज की थी. बीजेपी के टिकट से हरिलाल पटेल ने पहली बार बीजेपी को जिताया था. इसके बाद 1996, 1998 और 1999 में लगातार तीन बार गोरधनभाई जाविया ने बीजेपी को जीत दिलाया. इसके बाद हरिलाल पटेल एक बार फिर बीजेपी के टिकट से 2004 में जीत दर्ज की.

वहीं, दिलचस्प बात यह है कि 2009 में कांग्रेस की टिकट से विट्ठलभाई रदाडिया ने जीत दर्ज की थी. लेकिन 2013 के उपचुनाव में विट्ठलभाई रदाडिया बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ कर जीत हासिल की. इसके बाद 2014 में बीजेपी की ओर से एक बार फिर उन्हें मौका मिला और उन्होंने भाड़ी बहुमत से जीत हासिल की.

1991 से 2014 तक बीजेपी लगातार पोरबंदर सीट पर अपना परचम लहराया है. इस बीच केवल 2009 में कांग्रेस को जीतने का मौका मिला है. ऐसे में कांग्रेस के लिए पोरबंदर सीट काफी चुनौतीपूर्ण है.