साबरकांठा लोकसभा सीटः कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी ने लगातार दो बार दर्ज की थी जीत

साबरकांठा लोकसभा सीट कांग्रेस जीतते आई है लेकिन दो बार से बीजेपी शिकस्त देने में कामयाब रही है.

साबरकांठा लोकसभा सीटः कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी ने लगातार दो बार दर्ज की थी जीत
साबरकांठा सीट पर बीजेपी ने लगातार दो बार जीत दर्ज की है. (प्रतीकात्मक फोटो)

साबरकांठाः गुजरात राज्य स्थित साबरकांठा एक उत्तर पूर्वी जिला है. ब्रिटिश शासनकाल में साबरकांठा एक राजनीतिक एजेंसी थी. इसे जिले का प्रशासनिक केंद्र हिम्मतनगर है. यह जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है. जहां अधिकांश भील समेत अन्य आदिवासी रहते हैं.

हाल ही में साबरकांठा सुर्खियों में रहा था. यहां एक बच्ची से रेप के मामले में काफी उपद्रव मचाया गया और जिले से बिहार और यूपी के लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर किया गया. यहां जमकर हिंसा मचाई गई थी.

साबरकांठा लोकसभा कांग्रेस का गढ़ रहा है. हालांकि दो बार से यहां बीजेपी अपना परचम लहराने में कामयाब रही है. 1991 में साबरकांठा में पहली बार चुनाव हुआ था. उस वक्त कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. 1977 में जनता पार्टी को इस सीट पर जीत हासिल हुई थी. वहीं, 1991 में बीजेपी को पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी.

हालांकि 1996 से 2004 तक फिर लगातार कांग्रेस ने ही यहां अपना दबदबा कायम रखा. लेकिन 2009 में बीजेपी एक बार फिर से बनासकांठा को अपने कब्जे में ले लिया. फिर 2014 में भी बीजेपी ही इस सीट पर अपने जीत को बरकरार रखने में सफल रही.

2014 में दिपसिंह शंकरसिंह राठौड़ बीजेपी की टिकट से जीत दर्ज की थी. उन्होंने शंकर सिंह वाघेला को करीब 1 लाख वोट से हराया था. लेकिन 2019 के चुनाव में कांग्रेस इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी.