सारण लोकसभा सीट : 2014 के चुनाव में राजीव प्रताप रूडी और राबड़ी देवी में थी टक्कर

राबड़ी देवी को आरजेडी ने लालू यादव की राजनीतिक विरासत को बचाने के लिए उतारा था, लेकिन सफल नहीं हो सकी.

सारण लोकसभा सीट : 2014 के चुनाव में राजीव प्रताप रूडी और राबड़ी देवी में थी टक्कर
राबड़ी देवी को आरजेडी ने सारण सीट से चुनावी मैदान में उतारा था. (फाइल फोटो)

सारण : बिहार का सारण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद अस्तित्व में आया. परिसीमन से पहले यह क्षेत्र छपरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्‍सा था. इस लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजीव प्रताप रूडी सांसद हैं. उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी को हराया था. दोनों उम्मीदवारों के कारण यह सीट काफी हाइप्रोफाइल हो गई थी.

राबड़ी देवी को आरजेडी ने लालू यादव की राजनीतिक विरासत को बचाने के लिए उतारा था, लेकिन सफल नहीं हो सकी. सजायाफ्ता होने के कारण वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो गए थे, इसी कारण से राबड़ी देवी को उतारा गया था. इस चुनाव में जनता ददल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा किया था, जो कि तीसरे नंबर पर रहे.

2009 के चुनाव से पहले सारण लोकसभा को छपरा के नाम से जाना जाता था. इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में लालू प्रसाद पहली बार इस सीट से चुनाव जीते थे. इसके बाद 1989 और 2004 में छपरा सीट से ही लालू यादव चुनाव जीते थे.

सारण सीट पर राजपूत वोटरों की संख्या यादव वोटर के बाद सर्वाधिक है. सारण लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा की छ सीटें आती हैं, जिनमें से चार पर आरजेडी और दो पर बीजेपी का कब्जा है. मरहौरा, गरखा, परसा और सोनपुर से आरजेडी उम्मीदवार चुनाव जीते थे. वहीं, बीजेपी को और अमनौर सीट पर सफलता हाथ लगी थी.

2014 के चुनाव परिणामों पर गौर करें तो राजीव प्रताप रूडी ने राबड़ी देवी को लगभग 40 हजार मतों से परास्त किया था. इस चुनाव में रूडी को 355120 और राबड़ी देवी को 314172 मत मिले थे. वहीं, जेडीयू उम्मीवार सलेम परवेज 107008 मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे. इस चुनाव में कुल 863254 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

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