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लोकसभा चुनाव 2019: टीकमगढ़ में जीत की हैट्रिक लगाएगी BJP या कांग्रेस का खुलेगा खाता

टीकमगढ़ लोकसभा सीट से टिकट दी गई और उन्होंने जीत हासिल करते हुए कांग्रेस के अहीरवार वृंदावन को हराया था.

लोकसभा चुनाव 2019: टीकमगढ़ में जीत की हैट्रिक लगाएगी BJP या कांग्रेस का खुलेगा खाता
फाइल फोटो

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश की कुल 29 लोकसभा सीटों में से एक है टीकमगढ़ लोकसभा सीट, जो कि 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई. अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित टीकमगढ़ से वर्तमान विधायक वीरेंद्र कुमार खटीक हैं, जो केंद्र की मोदी सरकार में राज्यमंत्री हैं. खटीक ने पहली बार 1996 के लोकसभा चुनाव में सागर लोकसभा सीट से जीत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 2009 में खटीक को टीकमगढ़ लोकसभा सीट से टिकट दी गई और उन्होंने जीत हासिल करते हुए कांग्रेस के अहीरवार वृंदावन को हराया था.

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2014 के राजनीतिक समीकरण
2014 के लोकसभा चुनाव में केंद्र की मोदी सरकार में राज्यमंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक ने जीत दर्ज कराई थी. 4,22,979 वोटों के साथ वीरेंद्र कुमार पहले नंबर पर और 2,14,248 वोटों के साथ कमलेश वर्मा दूसरे नंबर पर रहीं. दोनों के बीच कुल 2,08,731 वोटों का अंतर था. वहीं समाजवादी पार्टी के डॉ. अंबेश तीसरे स्थान पर रहे.

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राजनीतिक इतिहास
टीकमगढ़ का राजनीतिक इतिहास सिर्फ 2 लोकसभा चुनाव पुराना है. 2008 में हुए परिसीमन के बाद 2009 में यहां पहला लोकसभा चुनाव हुआ, जिसमें वीरेंद्र कुमार खटीक ने जीत दर्ज कराई थी. जिसके बाद 2014 में भी वीरेंद्र कुमार खटीक ही टीकमगढ़ के सांसद चुने गए. 2014 के चुनाव में उन्होंने कमलेश वर्मा को हराया था.

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सांसद का रिपोर्ट कार्ड
टीकमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद वीरेंद्र कुमार कुल 6 बार सांसद चुने जा चुके हैं. टीकमगढ़ से पहले वह सागर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे, जिसके बाद उन्हें टीकमगढ़ की कमान सौंप दी गई. वीरेंद्र कुमार को उनके निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए 22.50 करोड़ की राशि आवटंति हुई, जिसका उन्होंने करीब 78 फीसदी हिस्सा खर्च कर दिया और बाकि का 22 फीसदी फंड बिना खर्च किए रह गया.