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मथुरा लोकसभा सीट: 2 दशकों से रहा है BJP का कब्जा, इस बार है कांटे की टक्कर

मथुरा में मौजूदा सांसद हेमा मालिनी का मुकाबला महागठबंधन के प्रत्याशी रालोद के नरेन्द्र सिंह और कांग्रेस के महेश पाठक से है. हेमा ने वर्ष 2014 में मथुरा सीट आसानी से जीती थी, लेकिन इस बार उन्हें प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है.

मथुरा लोकसभा सीट: 2 दशकों से रहा है BJP का कब्जा, इस बार है कांटे की टक्कर
दूसरे चरण में यहां मतदान हुआ था.

नई दिल्ली: मथुरा एक ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है. भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा उत्तर प्रदेश का प्रमुख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है. उत्तर प्रदेश की हॉट सीटों में से एक मथुरा सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 के रण के लिए दूसरे चरण में मतदान हुआ. इस सीट पर पिछले दो दशको से बीजेपी की कब्जा रहा है. इस सीट पर जाट और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व रहा है.

इस बार दिखेंगी कड़ी टक्कर 
मथुरा में मौजूदा सांसद हेमा मालिनी का मुकाबला महागठबंधन के प्रत्याशी रालोद के नरेन्द्र सिंह और कांग्रेस के महेश पाठक से है. हेमा ने वर्ष 2014 में मथुरा सीट आसानी से जीती थी, लेकिन इस बार उन्हें प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है.

2014 में ये थी स्थिति
उत्तर प्रदेश की मथुरा लोकसभा सीट 2014 में बीजेपी नेता और मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने आरएलडी नेता जयंत चौधरी को चुनावी रण में पटखनी दी थी. हेमा मालिनी ने जयंत चौधरी को 3,30,743 वोटों से हराया था. साल 2014 में आरएलडी दूसरे, बीएसपी तीसरे और सपा चौथे नंबर पर रही थी. मथुरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं. 2014 के आंकड़ों के अनुसार मथुरा लोकसभा क्षेत्र में कुल 17 लाख मतदाता हैं, इनमें 9.3 लाख पुरुष और 7 लाख से अधिक महिला वोटर हैं.

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क्या कहता है राजनीतिक इतिहास
इस सीट के इतिहास को देखें तो शुरुआती चुनावों में यहां कांग्रेस का दबदबा रहा था. साल 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चौधरी दिगंबर सिंह ने यहां जीत हासिल की थी, वो दो बार और इसी सीट से जीते, 1967 के चुनाव में निर्दलीय नेता गिरिराज सरन सिंह यहां के सांसद बने. साल 1971 में फिर से मथुरा सीट कांग्रेस नेता चकलेश्वर सिंह मथुरा के सांसद बने. इसके बाद 1977 भारतीय लोकदल के नेता मणि राम बागरी भारी मतों से विजयी हुए. 1980 के चुनाव में चौधरी दिगंबर सिंह, 1984 में कांग्रेस के टिकट पर मानवेन्द्र सिंह मथुरा में जीते. इसके बाद अगले चुनाव में मानवेन्द्र सिंह जनता दल की टिकट पर यहां जीत दर्ज की. साल 1991 बीजेपी नेता स्वामी साक्षी जी मथुरा के सांसद की कुर्सी पर बैठे. इसके बाद लगातार तीन बार बीजेपी ने यहां से जीत दर्ज की. 2004 के चुनाव में मानवेन्द्र सिंह दोबारा कांग्रेस के टिकट पर यहां विजयी हुए. साल 2009 में राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी मथुरा के संसदीय क्षेत्र से सांसद बने लेकिन साल 2014 में हेमामालिनी ने यहां जीत दर्ज की.