close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

नीलगिरी : इस हाई प्रोफाइल सीट पर 2014 की हार का बदला ले पाएंगे DMK के ए राजा?

Lok Sabha elections 2019: DMK ने ए राजा और AIADMK ने M. थंगाराजन को मैदान में उतारा है.

नीलगिरी : इस हाई प्रोफाइल सीट पर 2014 की हार का बदला ले पाएंगे DMK के ए राजा?
ऊंटी इसी संसदीय क्षेत्र में पड़ता है, जहां की प्राकृतिक खूबसूरती दुनिया भर में मशहूर है.

नई दिल्ली: नीलगिरी लोकसभा सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुआ था. 2009 में यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किया गया. 2014 के चुनाव में AIADMK की जीत हुई थी. उससे पहले 2009 में DMK, 2004 में कांग्रेस की और 1998 से 2004 तक बीजेपी के प्रत्याशी की जीत हुई. इस लोकसभा चुनाव में DMK ने ए राजा और AIADMK ने M. थंगाराजन को मैदान में उतारा है.

तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जहां नेशनल पार्टियों की नहीं, बल्कि क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है. DMK और AIADMK यहां की दो प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियां हैं. इस चुनाव में कांग्रेस DMK के साथ और BJP, AIADMK और PMK साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. कांग्रेस 9 सीटों पर और बीजेपी 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. दोनों की सहयोगी पार्टियां DMK और AIADMK भी केवल 20-20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बाकी सीटों पर अन्य छोटी क्षेत्रीय पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं. 2014 लोकसभा चुनाव में 39 सीटों में 37 सीटों पर तो केवल AIADMK की जीत हुई थी. एक सीट पर बीजेपी और एक सीट पर PMK की जीत हुई थी. दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ी थी. DMK का खाता भी नहीं खुल पाया था.

सलेम : KRS श्रवण लगा पाएंगे AIADMK की तरफ से जीत की हैट्रिक?

2014 के आंकड़ों के मुताबिक, इस सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या 1269163 है. इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 629731 और महिला मतदाताओं की संख्या 639432 है. 2011 जनगणना के मुताबिक, नीलगिरी जिले की आबादी 735394 है. इस जिले में 1000 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 1042 है.  ऊंटी इसी संसदीय क्षेत्र में पड़ता है, जहां की प्राकृतिक खूबसूरती दुनिया भर में मशहूर है. यहां चाय और कॉफी की बड़े पैमाने पर खेती होती है.