Lok sabha elections 2019: मुज़फ्फरनगर से अजित सिंह और जयंत बने बागपत से प्रत्याशी, पढ़ें RLD के उम्मीदवारों की लिस्ट

आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह मुज़फ्फरनगर ने चुनाव लड़ेंगे. वहीं उनके बेटे जयंत चौधरी को बागपत से प्रत्याशी बनाया गया है. इसके अलावा मथुरा से नरेंद्र सिंह को आरएलडी ने टिकट दिया है.

Lok sabha elections 2019: मुज़फ्फरनगर से अजित सिंह और जयंत बने बागपत से प्रत्याशी, पढ़ें RLD के उम्मीदवारों की लिस्ट

लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. उत्तर प्रदेश में महागठबंधन के इस घटकदल के हिस्से में लोकसभा की तीन सीटें आई हैं. पार्टी ने तीनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह मुज़फ्फरनगर ने चुनाव लड़ेंगे. वहीं उनके बेटे जयंत चौधरी को बागपत से प्रत्याशी बनाया गया है. इसके अलावा मथुरा से नरेंद्र सिंह को आरएलडी ने टिकट दिया है.

दो दिन पहले मायावती से मिले थे जयंत
सपा—बसपा के साथ गठबंधन में शामिल होने के बाद आरएलडी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने शनिवार को बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की. आरएलडी प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा, 'जयंत चौधरी और मायावती की मुलाकात बसपा सुप्रीमो के आवास पर हुई . इस दौरान चुनाव को लेकर व्यापक चर्चा की गयी .' 

दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चुनाव तैयारियों, प्रचार के तौर तरीकों और संगठन को मजबूत करने के बारे में दोनों नेताओं ने विस्तार से बातचीत की. उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान जयंत चौधरी और मायावती के साथ वह स्वयं, बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद थे.

उल्लेखनीय है कि सपा—बसपा—आरएलडी गठबंधन में तय फार्मूले के तहत राष्ट्रीय लोकदल को तीन सीट मिली हैं . सपा 37 जबकि बसपा 38 सीटों पर चुनाव लडेगी.

होली के बाद सपा-बसपा-आरएलडी की संयुक्त चुनाव रैलियां होगी
उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और आरएलडी की संयुक्त चुनाव रैलियां चरणबद्ध तरीके से होली के बाद शुरू हो जाएंगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इन संयुक्त रैलियों की शुरूआत नवरात्र के पवित्र दिनों में होगी. पहली संयुक्त रैली सात अप्रैल को देवबंद में होगी जिसको बसपा प्रमुख मायावती, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह संबोधित करेंगे. इस तरह की रैलियां पूरे राज्य में होंगी जिसमें गठबंधन के नेता संयुक्त रूप से मंच साझा करेंगे.

चौधरी ने कहा कि सपा-बसपा-आरएलडी के गठबंधन से राजनीति में एक नई लहर पैदा हुई है. अखिलश यादव का मानना है कि विचारधारा पर आधारित इस गठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते रूझान से भाजपा खेमे में घबराहट और बौखलाहट है.

उन्होंने कहा कि जनता हालांकि अब भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है. उसे भाजपा का पूरा चरित्र मालूम हो गया है इसलिए अब 2019 के चुनाव में नया प्रधानमंत्री और नई सरकार चुनने के दृढ़ संकल्प से मतदाता को कोई भी ताकत डिगा नहीं सकती है.