लोकसभा चुनाव 2019: ओडिशा में सुंदरगढ़ सीट रखती है खास अहमियत

2014 में यह इकलौती सीट थी जहां पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी.

लोकसभा चुनाव 2019: ओडिशा में सुंदरगढ़ सीट रखती है खास अहमियत
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: ओडिशा की लोकसभा सीटों में सुंदरगढ़ का खास महत्व है. 2014 में यह इकलौती सीट थी जहां पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण के तहत 18 अप्रैल को वोट डाले गए थे. 

2014 में यहां से बीजेपी के जुएल उरांव ने जीत दर्ज की थी. हालांकि मुकाबला बेहद टक्कर का रहा था. उरांव को 3,40,508 वोट मिले थे जबकि दूसरे नबंर पर रहे बीजेडी उम्मीदवार को 3,21,679 वोट मिले थे. कांग्रेस को यहां से 2,69,335 वोट मिले थे. 

सुंदरगढ़ का राजनीतिक इतिहास 
1952 के पहले चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. लेकिन इसके बाद सुंदरगढ़ सीट को जीतने के लिए कांग्रेस को लंबा इंतजार करना पड़ा. 1957 और 1962 में  गणतंत्र परिषद और 1967 स्वतंत्र पार्टी ने इस सीट पर जीत हासिल की. 

इस सीट पर कांग्रेस को दूसरी बार 1971 में जीत मिली. 1977 में यह सीट जनता पार्टी ने जीत ली. 1980 और 1984 के चुनाव में यहां से कांग्रेस ने बाजी मारी. 1989 के चुनाव में जनता दल ने यहां से चुनाव जीता. इसके बाद के सभी चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी को ही सफलता मिलती रही. 

1991, 1996 और 2009 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत दर्ज की. 1998, 1999, 2004 और 2014 में बीजेपी ने इस सीट पर चुनाव जीता.