त्रिपुरा ईस्ट : 23 साल से कांग्रेस को जीत की दरकार, इस बार हो पाएगी सफल ?

त्रिपुरा ईस्ट सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. इस सीट पर 18 अप्रैल को मतदान होगा.

त्रिपुरा ईस्ट : 23 साल से कांग्रेस को जीत की दरकार, इस बार हो पाएगी सफल ?
2014 के चुनाव में जितेंद्र चौधरी की जीत हुई थी. (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली: त्रिपुरा ईस्ट लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है. इसके अंतर्गत विधानसभा की 30 सीटें हैं. इस सीट पर भी वामपंथियों का कब्जा रहा है. 2014 के चुनाव में जितेंद्र चौधरी की जीत हुई थी. जितेंद्र चौधरी ने कांग्रेस के सचित्र देब वर्मा को हराया था. जितेंद्र चौधरी को 623771 वोट मिले थे, जबकि सचित्र देब वर्मा को मात्र 139413 वोट मिले थे. उससे पहले 1996 से लेकर 2014 तक बाजू बन रियान यहां के सांसद थे. पहली बार यहां 1952 में चुनाव हुआ था और उस समय भी लेफ्ट पार्टी की जीत हुई थी. दशरथ देब 1952 से 1967 तक सांसद चुने गए थे. कांग्रेस ने आखिरी बार यहां 1991 और 1989 के चुनाव में जीत दर्ज की थी.

2014 में हुए चुनाव के आधार पर यहां मतदाताओं की कुल संख्या 1140269 है. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 581599 और महिला मतदाताओं की संख्या 558670 है. यहां NRC और सिटिन अमेंडमेंट बिल का मुद्दा गरमाया हुआ है.

2011 जनगणना के मुताबिक, यहां की कुल आबादी 3671032 है. इनमें पुरुषों की आबादी 1871867 और महिलाओं की संख्या 1799165 है. यहां 68 फीसदी लोग बंगाली , 25 फीसदी त्रिपुरी  भाषा बोलते हैं. 83 फीसदी लोग हिंदू धर्म का मानते हैं. 8.6 फीसदी लोग मुस्लिम धर्म को मानते हैं और करीब 4.50 फीसदी लोग क्रिश्चन भी हैं.