TMC, BJP या CPM 2019 में किस पार्टी की किस्मत लिखेगी पान की नगरी तामलुक लोकसभा सीट

वक्त के साथ इस सीट पर 2009 के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली. 2009 के बाद 2014 के लोकसभा चुनावों में भी तृणमूल ने अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी और जीत दर्ज की. 

TMC, BJP या CPM 2019 में किस पार्टी की किस्मत लिखेगी पान की नगरी तामलुक लोकसभा सीट
60 फीसदी से ज्यादा कृषि पर आधारित तामलुक में ज्यादातर हिस्से पर पान की ही खेती है, जो सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सप्लाई की जाती है

नई दिल्ली : पान की खेती से संपन्न पश्चिम बंगाल की तामलुक लोकसभा सीट राजनेताओं के लिए कई मायनों में खास है. 60 फीसदी से ज्यादा कृषि पर आधारित तामलुक में ज्यादातर हिस्से पर पान की ही खेती है, जो सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सप्लाई की जाती है. 1951 में अस्तित्व में आई सीट  पर कांग्रेस और सीपीएम के बाद इस सीट पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का कब्जा हो चुका है. 

वक्त के साथ इस सीट पर 2009 के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली. 2009 के बाद 2014 के लोकसभा चुनावों में भी तृणमूल ने अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी और जीत दर्ज की. 

2014 के लोकसभा चुनाव परिणाम पर नजर
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से 34 पर तृणमूल कांग्रेस, 4 पर कांग्रेस, 2 माकपा और 2 पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी. इस बात भारतीय जनता पार्टी इस राज्य में आधे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करना चाहती है.

इस बार इन पार्टियों के बीच है मुकाबला
2019 के चुनाव में यहां पर लड़ाई ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम के बीच ही होगी. हालांकि बीजेपी भी इस सीट पर जोर आजमाइश में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.