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पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीटः पंजाबी, जाट और दलित समुदाय निभाता है अहम भूमिका

साल 2009 के लोकसभा चुनाव में अस्तित्व में आई इस सीट से कांग्रेस के महाबल मिश्रा जीते थे. उन्होंने बीजेपी के प्रो जगदीश मुखी को हराया था. 

पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीटः पंजाबी, जाट और दलित समुदाय निभाता है अहम भूमिका
फाइल फोटो

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha elections 2019) में राजधानी दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से एक पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट 2009 में बनी. इससे पहले यह सीट बाहरी दिल्ली और दक्षिणी लोकसभा सीट में आती थी. साल 2009 में इस संसदीय सीट के अंतर्गत 11 विधानसभा सीटें आती हैं. जिनमें मादीपुर, राजौरी गार्डन, हरी नगर, तिलक नगर, जनकपुरी, विकासपुरी, उत्तम नगर, द्वारका, मटियाला, नजफगढ़ और नांगलोई जाट शामिल है. इस पूरे क्षेत्र में पंजाबी, जाट और दलित समुदाय का वोटर अहम भूमिका निभाता है.

नांगलोई, उत्तम नगर और नजफगढ़ इलाकों में जाट वहीं हरि नगर, जनकपुरी, विकास पुरी में पंजाबी और मादीपुर, रघुवीर नगर, हस्तसाल जेजे कॉलोनी, पश्चिम पुरी में दलित समुदाय के वोटरों का खासा प्रभाव है.

साल 2009 के लोकसभा चुनाव में अस्तित्व में आई इस सीट से कांग्रेस के महाबल मिश्रा जीते थे. उन्होंने बीजेपी के प्रो जगदीश मुखी को हराया था.  साल 2014 के लोकसभा चुनाव में यह सीट बीजेपी के प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने जीती थी. उन्होंने आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह को हराया था. 2014 में कांग्रेस के महाबल मिश्रा तीसरे नंबर पर रहे थे. 

पश्चिम दिल्ली में आने वाली विधानसभा की बात करें तो 11 में से 10 सीटों पर आम आदमी पार्टी के विधायक हैं. केवल राजौरी गार्डन सीट पर बीजेपी का कब्जा है यहां से मंजिंदर सिंह सिरसा विधायक है.