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वोट की ताकत से महाबली बने 'फकीर' PM मोदी, देश की इन 10 चुनौतियों का करेंगे 'सर्वनाश'!

इतनी बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी को कुर्सी संभालते ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. आपको याद हो तो 2014 में पहली बार सत्ता में आने पर पीएम मोदी 100 दिन का प्रोग्राम लेकर आए थे. इस बार भी पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार के सामने 100 दिनों के भीतर इन चुनौतियों से दो-चार होना होगा.

वोट की ताकत से महाबली बने 'फकीर' PM मोदी, देश की इन 10 चुनौतियों का करेंगे 'सर्वनाश'!
Lok sabha elections result 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने 300 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है.
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ने चुनाव में मिली जबरदस्त जीत को विनम्रता से स्वीकार करते हुए गुरुवार को कहा कि वह बुरे इरादे से कोई काम नहीं करेंगे और लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान बढ़ी कटुता को पीछे छोड़कर सबको साथ लेकर चलेंगे. पीएम मोदी ने कहा, 'जनता ने इस फकीर की झोली भर दी है. मैं देश की 130 करोड़ जनता के सामने नतमस्तक हूं.' बीजेपी मुख्यालय में जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई में गठबंधन को मिला जनादेश दुनिया के लोकतंत्र का सबसे बड़ा घटनाक्रम है और यह लोकतंत्र की ताकत का प्रतिबिंब है. 

उन्होंने कहा, 'बड़ा जनादेश मिलने से जिम्मेदारी भी बड़ी बन जाती है. मैं कुछ भी बुरे इरादे से नहीं करूंगा और खुद के लिए कुछ नहीं करूंगा.' मोदी ने कहा, 'चुनाव अभियान के दौरान मेरे लिए किसने क्या कहा, वह बीती बात हो गई. हमें भविष्य को देखना है. हमें राष्ट्रहित में सबको साथ लेकर चलना है. इस प्रकार के बहुमत के बावजूद हम विनम्रता के साथ आगे बढ़ेंगे.'

उन्होंने कहा, '2014 में बहुत लोग मुझे नहीं जानते थे. लेकिन, आपने मुझे जनादेश दिया. लेकिन, अब 2019 में आपने मुझे जानने के बाद और ज्यादा शक्ति प्रदान की. मैं इसके पीछे की मनोभावना को समझ सकता हूं. भरोसा बढ़ने से जिम्मेदारी बढ़ जाती है.' एक तरह से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वादा किया कि आने वाले दिनों में वह कुछ भी बुरे इरादे से नहीं करेंगे.

इतनी बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी को कुर्सी संभालते ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. आपको याद हो तो 2014 में पहली बार सत्ता में आने पर पीएम मोदी 100 दिन का प्रोग्राम लेकर आए थे. इस बार भी पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार के सामने 100 दिनों के भीतर इन चुनौतियों से दो-चार होना होगा.

पीएम मोदी के सामने 100 दिन का चैलेंज

1. महाराष्ट्र में भीषण सूखा: महाराष्ट्र के करीब छह जिले सूखे की मार झेल रहे हैं. खासकर विदर्भ के इलाके में बेहद खराब हालात हैं.

2. तेल के दाम: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उथल-पुथल के बीच तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. ऐसे में तेल की कीमतों को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती है.

3. जम्मू-कश्मीर में शांति: 2014 के बाद से भारतीय सुरक्षाबल जम्मू कश्मीर में आतंकियों के साथ बेहद सख्ती से निपट रही है. हालांकि इसके बाद भी यहां शांति बहाली नहीं हो पा रही है.

4. पाकिस्तान से रिश्ते: आजादी के बाद से यह समस्या बनी हुई है. पिछले कार्यकाल में पीएम मोदी ने पाकिस्तान से शांति बहाली की कोशिश की, लेकिन पड़ोसी देश ने निराश किया.

5. आतंकवाद का ख़ात्मा: आतंकवाद जिस तरह अलग-अलग रूप में देश में पांव पसार रहा है, उसे रोकना बड़ी चुनौती है.

6. आर्टिकल 370, 35 A पर फैसला: यह मुद्दा बीजेपी का मुख्य एजेंडा है. देखना होगा कि सरकार इस बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई सरकार अपने इस एजेंडे को पूरा कर पाती है की नहीं.

7. नक्सल पर कार्रवाई: छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में नक्सली अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. ऐसे में इनका खात्मा करना पीएम मोदी के सामने बड़ी चुनौती है.

8. केंद्र-राज्य तालमेल: बीजेपी की सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि वह गैर बीजेपी शासित राज्यों के साथ सामंजस्य नहीं बना पाते हैं. ऐसे में उनपर इस कार्यकाल में इस मोर्चे को अच्छे से हैंडल करने की चुनौती होगी.

9. 4 राज्यों के चुनाव: इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं. इन चारों राज्यों में केंद्र की तरह ही दोबारा सत्ता हासिल करने की चुनौती होगी.

10. घुसपैठ: पाकिस्तानी घुसपैठ के साथ, पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में घुसपैठ बड़ी समस्या है. रोहिंग्या की घुसपैठ भी बड़ी समस्या है.