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राज्य में बनाई सरकार, लेकिन इस लोकसभा सीट पर अब तक नहीं मिली बीजेपी को जीत

इस चुनाव में बीजेपी ने इस बार इस सीट से ए मंजू को उम्‍मीदवार अपना बनाया है. वह पहले कांग्रेस में थे. 2014 के चुनाव में उन्‍होंने देवेगौड़ा को कड़ी टक्‍कर दी थी और करीब 3 लाख के मार्जिन को घटाकर 1 लाख कर दिया था. 

राज्य में बनाई सरकार, लेकिन इस लोकसभा सीट पर अब तक नहीं मिली बीजेपी को जीत
फाइल फोटो

नई दिल्ली : देश की सबसे पुरानी लोकसभा सीटों में शुमार हासन लोकसभा सीट अब तक जेडीएस प्रमुख एचडी देवेगौड़ा के लिए जानी जाती है. हालांकि इन चुनावों में एचडी देवगौड़ा की जगह उनके पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी रेवन्‍ना के बेटे प्राज्‍वल रेवन्‍ना दावेदारी पेश कर रहे हैं. अब इसे कर्नाटका का इतिहास कह लीजिए या फिर प्रदेश की वक्त का तकाजा. बीजेपी कर्नाटक की सत्ता में बेशक आसीन होने में कामयाब रही है, लेकिन हासन लोकसभा सीट पर अब तक उसे जीत की कामयाबी नहीं मिली है. 

इस चुनाव में बीजेपी ने इस बार इस सीट से ए मंजू को उम्‍मीदवार अपना बनाया है. वह पहले कांग्रेस में थे. 2014 के चुनाव में उन्‍होंने देवेगौड़ा को कड़ी टक्‍कर दी थी और करीब 3 लाख के मार्जिन को घटाकर 1 लाख कर दिया था. पिछले चुनावों के नतीजों को देखकर बीजेपी एक बार फिर से उम्मीद है कि वह इस सीट से अपने इतिहास को हराकर विजयी होगी. 

5 बार इस सीट से जीत चुके हैं देवेगौड़ा
1974 में कर्नाटक राज्‍य बनने के बाद इस सीट पर अब तक 12 चुनाव हुए हैं. इसमें से जेडीएस को 7 बार गैर कांग्रेसी उम्‍मीदवार को जीत मिली है. सबसे ज्‍यादा बार इस सीट से एचडी देवेगौड़ा जीते हैं. वह लगातार तीन बार जेडीएस के उम्‍मीदवार के तौर पर और दो बार जनता दल के उम्‍मीदवार के रूप में जीत दर्ज कर चुके हैं. इसके अलावा एक बार भारत लोकदल उम्‍मीदवार निंजेशा गौड़ा और एक बार जनता दल उम्‍मीदवार रुद्रेश गौड़ा को जीत मिली है. कांग्रेस को यहां पर 5 बार जीत मिली है. आखिरी बार कांग्रेस यहां पर 1999 में जीती थी.

इससे पहले ये सीट हमेशा से जेडीएस और कांग्रेस के कड़े मुकाबले की गवाह बनती रही है. लेकिन इस बार मंजू के बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के कारण भगवा पार्टी को इस सीट पर उम्‍मीद है कि वह यहां पर कुछ उलटफेर कर सकती है. क्‍योंकि मंजू को बीजेपी के अलावा दूसरे समर्थकों का वोट मिलने की संभावना है.