गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस सरकार के चक्कर में गए थे KCR, स्टालिन ने दिया टका सा जवाब

द्रमुक सूत्रों ने बताया कि क्षेत्रीय पार्टियों को एक साथ लाने की अपनी कवायद जारी रखते हुए केसीआर ने यहां स्टालिन के आवास पर उनसे मुलाकात की और एक संघीय मोर्चा बनाने के अपने प्रस्ताव पर उनसे चर्चा की.

गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस सरकार के चक्कर में गए थे KCR, स्टालिन ने दिया टका सा जवाब
सीएम केसीआर ने एमके स्टालिन से मुलाकात की. तस्वीर साभार: ANI

चेन्नई: केंद्र में गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस सरकार बनाने की कवायद को झटका लगा है. तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) वैकल्पिक मोर्चा बनाने की बात कह रहे हैं, लेकिन उनकी इस कोशिश को द्रमुक ने झटका दिया है. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने केसीआर से अपील की कि वह अपनी पार्टी का समर्थन कांग्रेस को दें. द्रमुक सूत्रों ने बताया कि क्षेत्रीय पार्टियों को एक साथ लाने की अपनी कवायद जारी रखते हुए केसीआर ने यहां स्टालिन के आवास पर उनसे मुलाकात की और एक संघीय मोर्चा बनाने के अपने प्रस्ताव पर उनसे चर्चा की.

केसीआर ने केरल के सीएम से भी मिले
एक घंटे से ज्यादा चली बैठक में स्टालिन ने केसीआर से कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन किया है और उन्होंने प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी के नाम की वकालत भी की है. द्रमुक सूत्रों ने बताया, ‘थलैवर (स्टालिन) ने राव से अनुरोध किया कि वह केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार को तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का समर्थन दें.’ राव ने कुछ दिन पहले केरल के मुख्यमंत्री और माकपा नेता पी विजयन से मुलाकात की थी. 

केसीआर का प्रस्ताव- क्षेत्रीय दल सरकार बना सकते हैं
स्टालिन से चर्चा के दौरान राव ने यकीन जाहिर किया कि लोकसभा चुनावों में क्षेत्रीय पार्टियां बड़ी संख्या में सीटों के साथ प्रभावशाली ताकत के तौर पर उभरेंगी और न ही कांग्रेस, न ही भाजपा को सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें मिलेंगी. राव ने द्रमुक प्रमुख से कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने पर राष्ट्रीय पार्टियों के समर्थन से क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा संचालित सरकार बन सकती है. इस पर द्रमुक पक्ष, जिसमें स्टालिन के अलावा वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन और टी आर बालू शामिल थे, ने कहा कि केंद्र में सिर्फ कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के लिए अनुकूल माहौल है.

स्टालिन बोले-कांग्रेस के साथ चलना अनुकूल
द्रमुक ने यह भी कहा कि केंद्र में क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा संचालित सरकार बनाने का विचार सफल नहीं होने के आसार हैं, क्योंकि अलग-अलग राज्यों को लेकर कुछ पार्टियों के रुख अलग-अलग हैं. टीआरएस तेलंगाना में कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी दोनों के खिलाफ है. राव ने पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की जबकि द्रमुक ने कहा कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी. राव ने अप्रैल 2018 में स्टालिन और द्रमुक के तत्कालीन अध्यक्ष एम करुणानिधि से यहां मुलाकात की थी. 

राहुल गांधी को PM बनाने की बात कह चुके हैं स्टालिन
यहां आपको बता दें द्रमुक प्रमुख एम. के. स्टालिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं. स्टालिन सार्वजनिक बयानों में कई बार दोहरा चुके हैं कि वे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के बयान पर कायम हैं. स्टालिन ने एक कार्यक्रम में कहा था, कुछ लोगों ने पूछा कि क्या मैं प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव कर सकता हूं. इसमें गलत क्या है? उन्होंने कहा, अगर हम (राहुल गांधी के नाम का) प्रस्ताव नहीं देंगे तो कौन देगा? क्या कोई इससे इनकार कर सकता है? कुछ राज्यों के नेता अपने-अपने राज्यों में मतभेद दूर करने के बाद इस पर फैसला करने की सोच रहे.

इनपुट: भाषा