नबरंगपुर: 2014 में ओडिशा की इस सीट के नतीजों ने सबको कर दिया था हैरान

इस सीट पर बीजेडी की जीत और कांग्रेस के हार में NOTA ने सबसे बड़ी भूमिका अदा की.

नबरंगपुर: 2014 में ओडिशा की इस सीट के नतीजों ने सबको कर दिया था हैरान

नई दिल्ली: ओडिशा के 21 लोकसभा सीटों में नबरंगपुर सीट पर 11 अप्रैल को वोट डाले गए थे. इस सीट पर 2014 चुनाव का नतीजा इतना दिलचस्प था कि यह राज्य में चर्चा का केंद्र वजह बन गया.

दरअसल 2014 में इस सीट पर बीजेडी के बलभद्र मांझी सिर्फ  2,042 वोट के अंतर से यह चुनाव जीते. कांग्रेस दूसरे नबंर पर और बीजेपी तीसरे नंबर पर रही थी.

बीजेडी की जीत और कांग्रेस के हार में NOTA ने सबसे बड़ी भूमिका अदा की. NOTA को कुल 44,408 वोट मिले जो की जीत के अंतर से कहीं ज्यादा थे. NOTA वोटों का आंकड़ा बीजेपी को मिलने वाले वोटों के बाद चौथे नंबर पर था. 

नबरंगपुर का राजनीतिक इतिहास
यह सीट कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही है. 1952 के पहले चुनाव में गणतंत्र परिषद को जीत मिली थी. 1957 के चुनाव में यह सीट खत्म कर दी गई. इसके बाद इस सीट पर 1962 में चुनाव हुआ. कांग्रेस के जगन्नाथ राव यहां से विजयी रहे. इसके बाद यह सीट 1998 तक कांग्रेस के पास ही रही. 1967 में कांग्रेस ने खगपति प्रधानी को मैदान में उतारा और वह चुनाव जीत गए. इसके बाद 1971, 1977, 1980, 1984, 1989, 1991, 1996, 1998 खगपति इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल करते रहे. 

1999 में इस सीट पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया. 2004 में बीजेपी की जीत का सिलसिला जारी रहा. 2009 में यह सीट कांग्रेस ने फिर से हासिल कर ली लेकिन 2014 में बीजेडी यहां से जीतने में कामयाब रही.